Bhargavastra: ड्रोन झुंडों को तबाह कर देगा भारत का नया एंटी-ड्रोन हथियार 'भार्गवास्त्र', जानें कैसे करेगा काम
भार्गवास्त्र एक ऐसा सिस्टम है जो 6 किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर उड़ रहे छोटे हवाई वाहनों (ड्रोन) का पता लगा सकता है और उन्हें गाइडेड माइक्रो म्यूनिशन से तबाह कर सकता है. इसकी खास बात है कि ये एक साथ 64 से अधिक माइक्रो मिसाइलें लॉन्च कर सकता है.
Bhargavastra: भारत ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम ‘भार्गवास्त्र’ को विकसित किया है, जो खासतौर पर ड्रोन स्वार्म (संगठित झुंड में आने वाले ड्रोन) हमलों को रोकने में सक्षम है. इस कम लागत वाले काउंटर ड्रोन सिस्टम को Solar Defence and Aerospace Limited (SDAL) ने डिजाइन और विकसित किया है. इसका सफल परीक्षण ओडिशा के गोपालपुर स्थित सीवर्ड फायरिंग रेंज में किया गया. 13 मई को सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कुल तीन ट्रायल किए गए, जिनमें चार माइक्रो रॉकेट्स दागे गए और सभी ने अपेक्षित परिणाम दिए.
क्या है 'भार्गवास्त्र' माइक्रो मिसाइल सिस्टम?
भार्गवास्त्र एक ऐसा सिस्टम है जो 6 किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर उड़ रहे छोटे हवाई वाहनों (ड्रोन) का पता लगा सकता है और उन्हें गाइडेड माइक्रो म्यूनिशन से तबाह कर सकता है. इसकी खास बात है कि ये एक साथ 64 से अधिक माइक्रो मिसाइलें लॉन्च कर सकता है. यह सिस्टम मोबाइल प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिससे इसे किसी भी इलाके चाहे वह मैदान हो या ऊंचाई वाला क्षेत्र में तेजी से तैनात किया जा सकता है.
भारत ने स्वदेशी ‘भार्गवस्त्र’ का सफल परीक्षण किया
#WATCH | A new low-cost Counter Drone System in Hard Kill mode 'Bhargavastra', has been designed and developed by Solar Defence and Aerospace Limited (SDAL), signifying a substantial leap in countering the escalating threat of drone swarms. The micro rockets used in this… pic.twitter.com/qM4FWtEF43
— ANI (@ANI) May 14, 2025
इसे खासतौर पर आर्मी एयर डिफेंस की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. एयरफोर्स ने भी इस तकनीक में गहरी रुचि दिखाई है क्योंकि दुनियाभर में ऐसे कुछ ही सिस्टम हैं जो इतने प्रभावी और कम लागत में उपलब्ध हैं.
ऑपरेशन सिंदूर में मिसाइल डिफेंस सिस्टम की भूमिका
हाल ही में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान ऑपरेशन सिंदूर में भारत के पास मौजूद S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने अहम भूमिका निभाई. इस सिस्टम ने कई पाकिस्तानी ड्रोन, मिसाइल और विमानों को इंटरसेप्ट कर उन्हें सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया. जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात जैसे सीमावर्ती इलाकों में S-400 ने भारतीय सैन्य ठिकानों को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभाई.
क्यों जरूरी है 'भार्गवास्त्र' जैसे सिस्टम?
आज के समय में ड्रोन तकनीक सस्ती और आसानी से उपलब्ध हो गई है. खासकर जब ये ड्रोन झुंड के रूप में आते हैं, तो उन्हें रोकना महंगे एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम से मुश्किल और खर्चीला हो जाता है. ऐसे में ‘भार्गवास्त्र’ जैसे कम लागत वाले माइक्रो मिसाइल सिस्टम सेना को ऐसे खतरे से निपटने में जबरदस्त मदद देंगे और बड़े एयर डिफेंस सिस्टम को गंभीर खतरे के लिए संरक्षित रखा जा सकेगा.
भार्गवास्त्र न केवल भारत की स्वदेशी तकनीक की ताकत को दर्शाता है, बल्कि यह आने वाले समय में भारत की सुरक्षा रणनीति में एक अहम भूमिका निभाने जा रहा है. यह सिस्टम आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप और खासकर ड्रोन युद्ध की चुनौतियों का जवाब है. अगर यह प्रणाली पूरी तरह से तैनात की जाती है, तो यह देश की सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2025 05:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

