Bharat Bandh: किसान संगठनों ने 26 मार्च को सुबह 6 से शाम 6 बजे तक बुलाया भारत बंद, इन चीजों पर पड़ेगा असर
किसान संघों की संस्था, संयुक्ता किसान मोर्चा ने (SKM) शुक्रवार 26 मार्च 2021 को तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ 'भारत बंद' का ऐलान किया है. किसान पिछले 4 महीनो से कृषि बिलों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं. 26 मार्च 2021 को सुबह 6 बजे से भारत बंद शुरू होगा और शाम 6 बजे समाप्त होगा.
किसान संघों की संस्था, संयुक्त किसान मोर्चा ने (Samyukta Kisan Morcha) शुक्रवार 26 मार्च 2021 को तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ 'भारत बंद' का ऐलान किया है. किसान पिछले 4 महीनो से कृषि बिलों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं. 26 मार्च 2021 को सुबह 6 बजे से भारत बंद शुरू होगा और शाम 6 बजे समाप्त होगा. इस अवधि के दौरान, देश भर में सभी सड़क और रेल परिवहन, बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थान बंद रहेंगे. किसान नेता बूटा सिंह बुर्जगिल (Buta Singh Burjgill) ने पहले कहा था, कृषि कानूनों के खिलाफ हमारे आंदोलन को चार महीने पूरे होने पर हम 26 मार्च को पूर्ण भारत बंद का आवाहन करेंगे. यह शांतिपूर्ण बंद सुबह से शाम तक प्रभावी रहेगा." किसानों की 28 मार्च को 'होलिका दहन' के दौरान नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने की भी योजना है. विशेष रूप से SKM ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उन्हें 26 मार्च को भारत बंद से छूट दी जाएगी.
इस सप्ताह के शुरू में विरोध करने वाले किसान संघों ने भारत के नागरिकों से 26 मार्च के भारत बंद को पूरी तरह सफल बनाने का आग्रह किया है. किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि हम देश के लोगों से इस भारत बंद को सफल बनाने और उनके 'अन्नदता' का सम्मान करने की अपील करते हैं. यह भी पढ़ें: Bharat Bandh: देशभर में व्यापारियों का आज भारत बंद, रहेगा चक्का जाम, जानें कौन सी सेवाएं होंगी प्रभावित-किसे राहत
आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने कल भारत बंद को समर्थन दिया है. पार्टी विशाखापत्तनम स्टील प्लांट (VSP) के प्राइवेटाईजेशन के केंद्र के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी.आंध्र प्रदेश के परिवहन, सूचना और जनसंपर्क मंत्री पर्णी वेंकटरामैया उर्फ नानी के अनुसार (Perni Venkataramaiah alias Nani) राज्य सरकार स्टील प्लांट के निजीकरण के खिलाफ है. इस संबंध में मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने संगठन को बनाए रखने के लिए विकल्प सुझाते हुए केंद्र को पत्र भेजे थे.
राज्य सरकार, केंद्र सरकार के विशाखापत्तनम के निजीकरण के फैसले का विरोध करती है, जो आंध्र प्रदेश के लाखों लोगों का अधिकार है, क्योंकि राज्य में स्टील प्लांट स्थापित करने के लिए तेलुगु लोगों का एक बड़ा इतिहास और बलिदान रहा है. "
आंध्र प्रदेश में सभी सरकारी संस्थान दोपहर 1.00 बजे के बाद खुलेंगे और आरटीसी बसें भी दोपहर से चलनी शुरू होंगी. सभी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं बंद के दौरान हमेशा की तरह चलेंगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 25, 2021 12:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

