बेंगलुरु: कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) के कामाक्षीपाल्या (Kamakshipalya) इलाके में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक जघन्य वारदात सामने आई है. मंगलवार, 24 मार्च की देर शाम एक 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला ( 68-Year-Old Woman) की उसके ही परिवार के सदस्यों ने भीख मांगकर जमा किए गए पैसों के विवाद में पीट-पीटकर हत्या कर दी. स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतका की बेटी, दामाद और पोते को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है. मृतका की पहचान यल्लम्मा (Yellamma) के रूप में हुई है, जिसकी लकड़ी के डंडे से किए गए हमलों के कारण अंदरूनी चोटों से मौत हो गई. यह भी पढ़ें: Karnataka Shocker: चिक्कमगलुरु में नागालैंड की युवती का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन; डायरी से खुला 'प्यार के नाम पर उत्पीड़न' का राज
भीख के पैसों को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच के अनुसार, यह घातक विवाद तब शुरू हुआ जब यल्लम्मा की 45 वर्षीय बेटी रत्नम्मा ने अपनी माँ से उन पैसों का हिस्सा मांगा जो बुजुर्ग महिला ने स्थानीय मंदिर के पास भीख मांगकर एकत्र किए थे. यल्लम्मा ने अपनी इस छोटी सी बचत को बेटी को सौंपने से इनकार कर दिया, जिससे बात बिगड़ गई.
यह बहस देखते ही देखते हिंसक हो गई, जिसमें रत्नम्मा का पति गोविंदाप्पा और उनका बेटा भी शामिल हो गया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीनों ने मिलकर यल्लम्मा पर लकड़ी के एक भारी डंडे (रीपर) से हमला कर दिया. उनके सिर और धड़ पर कई वार किए गए. शोर सुनकर पड़ोसियों ने अधिकारियों को सूचित किया, लेकिन जब तक आपातकालीन मदद पहुँचती, यल्लम्मा दम तोड़ चुकी थीं.
जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी
शुरुआती जांच और एक रिश्तेदार के बयान के आधार पर, कामाक्षीपाल्या पुलिस ने 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है. बुधवार सुबह तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया.
मामले से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'प्रथम दृष्टया यह हत्या महज कुछ पैसों के वित्तीय विवाद के कारण की गई प्रतीत होती है. चोटों के निशान बताते हैं कि बुजुर्ग महिला पर लगातार प्रहार किए गए थे. हमने अपराध में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है और आरोपियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं.'
परिवार का पृष्ठभूमि और आर्थिक स्थिति
यल्लम्मा पिछले कई वर्षों से अपनी बेटी के परिवार के साथ रह रही थीं. पड़ोसियों ने बताया कि इस घर में अक्सर कलह होती रहती थी, जिसका मुख्य कारण परिवार की खराब आर्थिक स्थिति थी। जहाँ यल्लम्मा स्थानीय धार्मिक स्थलों पर भीख मांगकर अपना गुजारा करती थीं, वहीं उनका दामाद दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करता था.
शव को पोस्टमार्टम के लिए विक्टोरिया अस्पताल भेज दिया गया है. तीनों आरोपियों को इस सप्ताह के अंत में स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने की संभावना है.
बुजुर्गों के प्रति बढ़ती हिंसा पर चिंता
इस घटना ने गरीब और असुरक्षित परिस्थितियों में रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा और उनकी भेद्यता (vulnerability) को लेकर स्थानीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है. बेंगलुरु के सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि परिवारों के भीतर वित्तीय तनाव अक्सर वरिष्ठ सदस्यों के प्रति शारीरिक शोषण के रूप में प्रकट होता है, जिनके पास कानूनी या सामाजिक सुरक्षा का अभाव है.
पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए घरेलू हिंसा या बुजुर्गों की उपेक्षा के संकेतों की सूचना समर्पित हेल्पलाइन नंबर (1090) पर जरूर दें.












QuickLY