Ambedkar Jayanti 2026: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को लोगों से अपील की कि डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती को सिर्फ एक उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि उनके विचारों के उत्सव के रूप में मनाया जाए. उन्होंने कहा कि भारत रत्न डॉ अंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान देश की प्रगति की दिशा तय करता है. Baba Saheb Ambedkar Jayanti 2025: बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती पर जानें उनके जीवन, विरासत और सामाजिक न्याय के लिए उनकी वकालत से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
सीएम फडणवीस 14 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली डॉ अंबेडकर की 135वीं जयंती की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर साल इस जयंती को और भव्य व अर्थपूर्ण बनाने के लिए प्रयास करती है और इस वर्ष भी विभिन्न विभागों के समन्वय से इसे बड़े स्तर पर मनाया जाएगा.
नई पीढ़ी तक पहुंचे अंबेडकर के विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि महान नेताओं की जयंती मनाना केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि उनके विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम है. उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संविधानों में से एक है, जिसकी समावेशी सोच के कारण भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है.
चैत्यभूमि पर उमड़ती है लाखों की भीड़
फडणवीस ने बताया कि हर साल 14 अप्रैल को देशभर से लाखों अनुयायी मुंबई के दादर स्थित चैत्यभूमि पहुंचकर बाबासाहेब को श्रद्धांजलि देते हैं. गर्मी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि आगंतुकों के लिए छाया, पीने के पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उचित व्यवस्था की जाए.
यातायात और सुविधा पर खास ध्यान
मुख्यमंत्री ने दादर और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुचारू रखने के निर्देश दिए. साथ ही, लोगों की सुविधा के लिए सूचना बोर्ड लगाने और दादर रेलवे स्टेशन से चैत्यभूमि तक BEST बसों की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया.
ड्रोन शो और विशेष आयोजन
सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने बताया कि इस वर्ष अंबेडकर जयंती के अवसर पर विशेष पहल की जा रही है. 13 अप्रैल को चैत्यभूमि में डॉ. अंबेडकर के जीवन पर आधारित भव्य ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा. इसके अलावा, “संविधान घर-घर तक” अभियान के तहत नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.
भव्य आयोजन की तैयारियां
बैठक में पुलिस सलामी, हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा, शिवाजी महाराज मैदान में बड़े टेंट, मेडिकल सुविधाएं, प्रदर्शनी पंडाल, चैत्यभूमि स्तूप की सजावट और विशेष सरकारी प्रचार अभियान जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई. मुंबई महानगरपालिका द्वारा तैयारियों की विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंबेडकर जयंती न केवल भारत बल्कि दुनिया भर में मनाई जाती है, इसलिए इसे सर्वोत्तम तरीके से आयोजित करना हम सभी की जिम्मेदारी है.