अयोध्या: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अयोध्या (Ayodhya) स्थित तपस्वी छावनी के जगतगुरु परमहंस आचार्य अपने बयानों के कारण एक बार फिर चर्चा में हैं. उन्होंने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी भी प्रकार के तांत्रिक या 'काले जादू' के प्रभाव से बचाने के लिए उन्होंने विशेष वैदिक अनुष्ठान और प्रार्थनाएं की हैं. संत का आरोप है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीय मुलाकातों के दौरान पीएम मोदी पर अपनी नीतियों को थोपने के लिए तांत्रिक शक्तियों का सहारा लेने की कोशिश की थी. यह भी पढ़ें: Trump on PM Modi: 'मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, वे जानते थे कि मैं खुश नहीं हूं'; रूसी तेल आयात घटाने पर डोनाल्ड ट्रंप ने की तारीफ, साथ ही दी टैरिफ की चेतावनी
'तांत्रिक प्रभाव' और अयोध्या में विशेष पूजा
परमहंस आचार्य के अनुसार, उन्होंने अयोध्या में यह पूजा प्रधानमंत्री और देश की अखंडता की सुरक्षा के लिए की है.
- दावा: संत का कहना है कि ट्रंप ने मोदी को 'प्रभावित' करने के लिए गुप्त तांत्रिक विधियों का उपयोग किया ताकि भारत को अमेरिकी हितों के अनुसार चलाया जा सके.
- समाधान: आचार्य ने कहा कि उनकी वैदिक प्रार्थनाओं ने इन प्रभावों को निष्प्रभावी (Neutralize) कर दिया है. उन्होंने संकल्प लिया है कि वे भविष्य में भी ऐसी प्रार्थनाएं जारी रखेंगे ताकि कोई भी 'नकारात्मक शक्ति' देश के नेतृत्व को प्रभावित न कर सके.
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट का असर
जगतगुरु का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुई उस पोस्ट के बाद आया है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम से यह दावा किया गया था कि पीएम मोदी पर काला जादू किया गया है. यद्यपि सरकार की ओर से ऐसे किसी दावे की पुष्टि नहीं की गई, लेकिन परमहंस आचार्य ने इसे 'गंभीर' मानते हुए अपने आध्यात्मिक उपायों की जानकारी सार्वजनिक की है.
परमहंस आचार्य का दावा- डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को प्रभावित करने के लिए किया 'काले जादू' का इस्तेमाल
"हमने ध्यान लगाया तो पता चला कि ट्रंपवा ने तंत्र–मंत्र कराकर मोदी जी का वशीकरण किया था। आज हमने वैदिक पाठ किया है। उससे मोदी जी के ऊपर कोई वशीकरण असर नहीं करेगा"
व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी से ज्ञान पाए अयोध्या के परमहंस आचार्य ऐसा कह रहे हैं।
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक फर्जी… pic.twitter.com/64JvyQjrkZ
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) January 30, 2026
UGC नियमों पर विरोध और सुप्रीम कोर्ट का 'स्टे'
प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखने के अलावा, परमहंस आचार्य हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 'इक्विटी रेगुलेशन 2026' के विरोध को लेकर भी सुर्खियों में थे.
- विरोध: उन्होंने इन नियमों को भेदभावपूर्ण बताते हुए केंद्र सरकार से इन्हें वापस लेने की मांग की थी और चेतावनी दी थी कि ऐसा न होने पर वे 'इच्छा मृत्यु' की अनुमति मांगेंगे.
- अदालती आदेश: इसी बीच, एक बड़े घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (29 जनवरी 2026) को यूजीसी के इन नए नियमों के क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक (Stay) लगा दी है. अदालत ने माना कि ये नियम पहली नजर में 'अस्पष्ट' हैं और इनका दुरुपयोग हो सकता है. यह भी पढ़ें: America and India Relations: 'भारत के बीच संबंध अच्छे हैं', अमेरिकी प्रवक्ता ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बचाव किया
एक ध्रुवीकरण करने वाला व्यक्तित्व
जगतगुरु परमहंस आचार्य अपने विवादित और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. चाहे वह राजनेताओं के खिलाफ कड़े शब्द हों या धार्मिक रक्षा के लिए की गई घोषणाएं, उनकी बातें अक्सर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया पैदा करती हैं. फिलहाल, उनके 'काले जादू' वाले दावे ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है, जहां कुछ लोग इसे आस्था से जोड़ रहे हैं तो कुछ इसे मात्र अंधविश्वास करार दे रहे हैं.













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