देश

उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और केरल की एक-एक सीटों पर उपचुनाव जारी, हिंसाग्रस्त इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर के दंतेवाड़ा, केरल की पाला, त्रिपुरा की बधारघाट और उत्तर प्रदेश की हमीरपुर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी है. हिंसाग्रस्त इलाकों को छोड़कर सोमवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ जो कि शाम छह बजे तक चलेगा. जबकि सभी सीटों के लिए मतगणना 27 सितंबर को होगी.

उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और केरल की एक-एक सीटों पर उपचुनाव जारी, हिंसाग्रस्त इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
मतदान के लिए कतार (Photo Credits: PTI/File Image)

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर के दंतेवाड़ा, केरल की पाला, त्रिपुरा की बधारघाट और उत्तर प्रदेश की हमीरपुर विधानसभा सीटों (Assembly Seats) पर उपचुनाव (By-election) के लिए मतदान जारी है. हिंसाग्रस्त इलाकों को छोड़कर सोमवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ जो कि शाम छह बजे तक चलेगा. जबकि सभी सीटों के लिए मतगणना 27 सितंबर को होगी. बेहद संवेदनशील दंतेवाड़ा में सकुशल मतदान संपन्न कराने के लिए 18 हजार फोर्स की तैनाती की गई है.

बधारघाट विधानसभा सीट से मिमी मजूमदार बीजेपी के उम्मीदवार हैं. वहीं बूली बिस्वास भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानि माकपा के उम्मीदवार हैं. रतन दास कांग्रेस की ओर से मैदान में हैं. अनुसूजित जाति के लिए आरक्षित रखी गई त्रिपुरा की बाधरघाट सीट बीजेपी के विधायक दिलीप सरकार की मौत होने के चलते खाली पड़ी है. 61 वर्षीय बीजेपी नेता लंबे समय से बीमार चल रहे थे.

केरल की पाला सीट से 13 उम्मीदवार मैदान में हैं. यहां मुख्य मुकाबला माकपा नीत - एलडीएफ, कांग्रेस नीत - यूडीएफ और बीजेपी नीत - राजग के बीच है. सीट से एलडीएफ ने राकांपा नेता मणि सी. कप्पन को, यूडीएफ ने कांग्रेस नेता जोस टॉम पुलिक्कुनेल को और बीजेपी नीत राजग ने कोट्टायम जिलाध्यक्ष एन. हरी को अपना उम्मीदवार बनाया है. एलडीएफ और यूडीएफ दोनों ही ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है. केरल की पाला सीट से लगभग 50 साल तक विधायक रहे पूर्व वित्त मंत्री के एम मणि की अप्रैल महीने में निधन के कारण खाली हुई है. यह सीट अनुसूजित जाति के लिए आरक्षित हैं.

जबकि दंतेवाड़ा में सत्ताधारी दल कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मुख्यमंत्री एवं बीजेपी नेता डॉ. रमन सिंह की साख दांव पर है. दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र किसी भी राजनीतिक दल का गढ़ नहीं रहा है, यही कारण है कि यहां दोनों दलों ने जोर लगाने में कसर नहीं छोड़ी है. कांग्रेस और भाजपा ने महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। दोनों ही महिलाओं ने अपने-अपने पतियों को नक्सली हिंसा में खोया है. बीजेपी ने भीमा मंडावी की पत्नी ओजस्वी मंडावी को मैदान में उतारा है. दूसरी ओर कांग्रेस ने देवती कर्मा पर दांव लगाया है. अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा विधानसभा सीट बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की हत्या के बाद से खाली है. दरअसल लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सलियों ने मंडावी की हत्या कर दी थी.

यह भी पढ़े- विधानसभा चुनाव 2019: महाराष्ट्र- हरियाणा में 21 अक्टूबर को डाले जाएंगे वोट, दोनों राज्यों में आज से आचार संहिता लागू

उधर, उत्तर प्रदेश की हमीरपुर विधानसभा सीट पर जारी उपचुनाव में कुल 9 प्रत्याशी मैदान में हैं. इनमें बीजेपी के युवराज सिंह, कांग्रेस के हर दीपक निषाद, सपा के मनोज कुमार प्रजापति, बसपा के नौशाद अली और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के आलम मंसूरी मुख्य रूप से शामिल हैं. दरअसल बीजेपी विधायक अशोक कुमार चंदेल को पांच लोगों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाये जाने की वजह से रिक्त हुई है. चंदेल को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 26 जनवरी 1997 को हमीरपुर में हुई पांच लोगों की गोली मारकर हत्या के मामले में इस साल अप्रैल में उम्रकैद की सजा सुनायी थी. इसके बाद उनकी विधानसभा की सदस्यता समाप्त कर दी गई.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 23, 2019 08:52 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).