देश

Assam: असम में कांग्रेस की बढ़ सकती मुश्किलें, विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा देने की धमकी दी

असम में कांग्रेस के खेमे में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, कम से कम तीन विधायकों ने राज्य के नेताओं पर नाराजगी व्यक्त की है और अपने पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि तीन विधायकों और असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा ने इस्तीफे से इनकार किया

Assam: असम में कांग्रेस की बढ़ सकती मुश्किलें, विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा देने की धमकी दी
Assam Congress ( Photo Credit : Twitter, IANS)

गुवाहाटी, 9 अप्रैल: असम में कांग्रेस के खेमे में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, कम से कम तीन विधायकों ने राज्य के नेताओं पर नाराजगी व्यक्त की है और अपने पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि तीन विधायकों और असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा ने इस्तीफे से इनकार किया, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने विपक्षी दल के भीतर एक और दरार पैदा कर दी. यह भी पढ़ें: Karnataka Election 2023 : खरगे के निवास पर कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक, बची हुई सीटों के लिए उम्मीदवारों का होगा फैसला

नाराजगी राज्यभर में पार्टी के कुछ जिला अध्यक्षों की हालिया नियुक्तियों से शुरू हुई. कछार में असम कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कमलाख्या डे पुरकायस्थ के करीबी सहयोगी तमाल बनिक की जगह एक 'कम लोकप्रिय' नेता अभिजीत पॉल ने ले ली, जिससे पुरकायस्थ नाराज हो गए. कांग्रेस नेता ने दावा किया कि राज्य में पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष होने के बावजूद बदलाव करने से पहले उन्हें सूचित तक नहीं किया गया.

कछार दक्षिणी असम की बराक घाटी में पड़ता है, जहां पुरकायस्थ पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच अच्छा प्रभाव रखता है. वे लगातार तीन बार उस क्षेत्र से विधानसभा चुनाव में विधायक के रूप में जीते. पुरकायस्थ ने सवाल किया : अगर मुझे अपने क्षेत्र में संगठनात्मक ढांचे में बदलाव के बारे में सूचित नहीं किया गया था, तो मुझे कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर क्यों बने रहना चाहिए?

उन्होंने असम में पार्टी के प्रभारी जितेंद्र सिंह को इस बारे में सूचित किया और पार्टी पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त करते हुए एक पत्र भेजा. सिंह ने पुरकायस्थ को फोन किया और उनसे पद न छोड़ने का आग्रह किया. सिंह ने तीन बार के कांग्रेस विधायक से कहा कि वह गतिरोध खत्म करने के लिए असम का दौरा करेंगे.

सूत्रों के मुताबिक, पुरकायस्थ सिंह के यहां आने का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने अपने समर्थकों से यहां तक कहा कि यह पूरा प्रकरण उनके लिए अपमान जैसा है. लेकिन पुरकास्यस्थ ही नहीं, कुछ अन्य विधायकों ने भी राज्य के नेताओं के विधायकों के प्रति व्यवहार को लेकर रोष व्यक्त किया.

बोको निर्वाचन क्षेत्र से दो बार की विधायक नंदिता दास को हाल ही में कारण बताओ नोटिस दिया गया था, जब वह एक केंद्रीय नेता द्वारा आयोजित पार्टी की बैठक के दृश्य रिकॉर्ड कर रही थीं. राज्य के कांग्रेस नेताओं के एक वर्ग ने दास पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया. हालांकि असम कांग्रेस प्रमुख भूपेन बोरा ने कहा कि वह दास के जवाब से संतुष्ट हैं, लेकिन इस पूरी घटना ने कुछ अन्य विधायकों को नाराज कर दिया है.

उन्होंने असम प्रदेश कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, यह दावा करते हुए कि विधायकों को संगठनात्मक ढांचे में वह सम्मान और सम्मान नहीं दिया गया, जिसके वे हकदार थे. कमलाख्या डे पुरकायस्थ के साथ दो अन्य विधायकों - मिस्बाहुल इस्लाम लस्कर और खलील उद्दीन मजूमदार ने कथित तौर पर मतभेद के बाद पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया. संभावित तूफान को भांपते हुए भूपेन बोरा ने शनिवार को एक जरूरी बैठक बुलाई.

इसके बाद बोरा ने कहा, मीडिया का एक वर्ग विधायकों के इस्तीफे की खबर को गलत तरीके से प्रचारित कर रहा है. मुझे कोई इस्तीफा पत्र नहीं मिला है. असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देवरता सैकिया ने कहा, कांग्रेस जैसी लोकतांत्रिक पार्टी में कोई अपनी नाराजगी व्यक्त कर सकता है, लेकिन कोई इस्तीफा नहीं दे रहा है. विधायकों ने रविवार को पार्टी के पदों को छोड़ने वाले नेताओं के सवालों से भी बचने की कोशिश की. हालांकि पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि विधायक पूरे मामले को पार्टी आलाकमान तक ले जाने की तैयारी में हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 10, 2023 08:54 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).