BMC Elections 2026: रस्मलाई वाले बयान पर तमिलनाडु BJP नेता अन्नामलाई ने राज ठाकरे को दी खुली चुनौती, कहा- 'मैं मुंबई आऊंगा, रोकना है तो रोक लेना; VIDEO

मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। तमिलनाडु बीजेपी नेता के. अन्नामलाई और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे के बीच 'मुंबई की अस्मिता' को लेकर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। अन्नामलाई ने राज ठाकरे के 'रसमलाई' वाले तंज पर पलटवार करते हुए उन्हें मुंबई आने की चुनौती दी

BMC Elections 2026: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के 15 जनवरी को होने वाले चुनावों से ठीक पहले महाराष्ट्र की राजनीति में 'क्षेत्रीय अस्मिता' बनाम 'विकास' की जंग तेज हो गई है. सोमवार को तमिलनाडु बीजेपी के नेता के. अन्नामलाई ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि वह मुंबई आएंगे और जिसे रोकना है रोक ले. यह विवाद तब शुरू हुआ जब राज ठाकरे ने अन्नामलाई के मुंबई को लेकर दिए गए एक बयान पर उन पर निजी टिप्पणी की थी.

राज ठाकरे का 'रसमलाई' तंज और पुराना नारा

विवाद की शुरुआत रविवार को शिवाजी पार्क में हुई एक संयुक्त रैली से हुई, जहां लंबे समय बाद चचेरे भाई राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ मंच पर नजर आए। रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई को 'रसमलाई' कहकर पुकारा और सवाल किया कि उन्हें मुंबई की राजनीति में हस्तक्षेप करने का क्या हक है।

राज ठाकरे ने अपने चाचा बाल ठाकरे के 1960 के दशक के नारे "हटाओ लुंगी, बजाओ पुंगी" को भी दोहराया, जो उस समय दक्षिण भारतीय प्रवासियों के खिलाफ दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी बाहरी नेताओं के जरिए मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की कोशिश कर रही है.

 BJP नेता अन्नामलाई ने खुली चुनौती 

अन्नामलाई की बेखौफ प्रतिक्रिया

चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अन्नामलाई ने इन हमलों को 'राजनीतिक हताशा' करार दिया. उन्होंने कहा, "आदित्य ठाकरे और राज ठाकरे मुझे धमकी देने वाले कौन होते हैं? मैं एक किसान का बेटा हूं और मुझे इस पर गर्व है.

उन्होंने सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों का जिक्र करते हुए कहा, "कुछ लोगों ने लिखा है कि अगर मैं मुंबई आया तो वे मेरे पैर काट देंगे। मैं मुंबई आऊंगा—हिम्मत है तो काट कर दिखाओ। अगर मैं ऐसी धमकियों से डरता, तो अपने गांव में ही रहता.उन्होंने अपने आलोचकों को 'अज्ञानी' बताया और कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है.

क्या है पूरा विवाद? (मुंबई की पहचान पर छिड़ी जंग)

विवाद की जड़ अन्नामलाई का वह बयान है जो उन्होंने धारावी में प्रचार के दौरान दिया था। उन्होंने मुंबई को एक 'अंतरराष्ट्रीय शहर' बताया था और तर्क दिया था कि ₹75,000 करोड़ के भारी-भरकम बजट वाली इस महानगरपालिका को चलाने के लिए क्षेत्रीय राजनीति के बजाय कुशल प्रशासन की जरूरत है।

विपक्ष ने इस बयान को हाथों-हाथ लिया और इसे मुंबई को महाराष्ट्र से तोड़ने की साजिश करार दिया। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने तो अन्नामलाई की गिरफ्तारी तक की मांग कर डाली है.

चुनाव में 'मराठी मानुस' कार्ड

15 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए ठाकरे बंधुओं ने एक साथ आकर इसे 'मराठी अस्मिता' की अंतिम लड़ाई करार दिया है। हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अन्नामलाई का बचाव करते हुए कहा कि हिंदी में हाथ तंग होने के कारण उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया है, लेकिन विपक्षी दल इस मुद्दे को भुनाकर क्षेत्रीय वोट बैंक को एकजुट करने में जुटे हैं.

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