Anganewadi Jatra 2026: भराडी देवी के भक्तों के लिए बड़ी खबर, आंगणेवाडी जत्रा के लिए मुंबई से कोंकण तक चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, आज से बुकिंग शुरू

कोंकण की प्रसिद्ध आंगणेवाडी जत्रा के लिए रेलवे ने मुंबई और मडगांव के बीच विशेष ट्रेनों की घोषणा की है. 9 फरवरी को होने वाले इस उत्सव के लिए लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है.

भारतीय रेल (Photo Credits: File Image)

Anganewadi Jatra 2026: महाराष्ट्र (Maharshtra) के सिंधुदुर्ग (Sindhudurg) जिले में स्थित प्रसिद्ध भराडी देवी (Bharadi Devi) आंगणेवाडी जत्रा (Anganewadi Jatra) इस साल 9 फरवरी 2026 को पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाएगी. इस पावन अवसर पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कोंकण रेलवे (Konkan Railway) ने मुंबई (LTT) और मडगांव (Madgaon) के बीच स्पेशल ट्रेनें (Special Trains) चलाने का निर्णय लिया है. 'दक्षिण कोंकण की काशी' मानी जाने वाली इस यात्रा में इस बार 10 लाख से अधिक भक्तों के पहुंचने का अनुमान है. यह भी पढ़ें: Ticket Concession for Senior Citizens: आगामी बजट 2026 में वरिष्ठ नागरिकों को मिल सकती है खुशखबरी! ट्रेन टिकट पर पुरानी छूट लौटने की उम्मीद

स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल और रूट

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने निम्नलिखित समय-सारणी जारी की है:

प्रमुख स्टॉपेज: यह ट्रेन ठाणे, पनवेल, रोहा, खेड़, चिपलून, रत्नागिरी, कणकवली, कुडाळ और सावंतवाडी रोड जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी.

बुकिंग और अतिरिक्त परिवहन सुविधाएं

इन विशेष ट्रेनों के लिए आरक्षण (Reservation) आज यानी 4 फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है.  यात्री आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट या रेलवे काउंटरों से टिकट बुक कर सकते हैं.

इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुँचाने के लिए राज्य परिवहन निगम (MSRTC) ने कणकवली और कुडाळ रेलवे स्टेशनों से आंगणेवाडी के लिए अतिरिक्त बसें चलाने का प्रबंध किया है. यात्रियों की सुविधा के लिए साझा (Shared) रिक्शा सेवा भी उपलब्ध रहेगी. यह भी पढ़ें: Indian Railway: 11 साल में ट्रेनों से सफर हुआ आसान और सुरक्षित, 2026–27 में 7,900 किलोमीटर ट्रैक नवीनीकरण की योजना

आंगणेवाडी जत्रा का धार्मिक महत्व

आंगणेवाडी की भराडी देवी जत्रा की तिथि कैलेंडर के हिसाब से तय नहीं होती, बल्कि यह देवी के 'कौल' (दैवीय संकेत) पर निर्भर करती है. हर साल दिसंबर में आंगणे परिवार और पारंपरिक पुजारी देवी से संकेत मांगते हैं, जिसके बाद उत्सव की तारीख घोषित की जाती है.

मान्यता है कि भराडी देवी भक्तों की हर मन्नत (नवस) पूरी करती हैं. जत्रा के दौरान देवी का भव्य श्रृंगार किया जाता है, जिसे 'याची देही, याची डोला' (इन आंखों से इस दिव्य रूप का दर्शन) कहा जाता है.

यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

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