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COVID-19 संकट के बावजूद आईटी कंपनी Tata Consultancy Services करेगी 40,000 फ्रेशर्स की भर्ती करेगी

देश इस वक्त कोरोना वायरस से जूझ रहा है. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लगाना पड़ा. लॉकडाउन के कारण देश की कई कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा है. जिसका परिणाम यह हुआ कि ज्यादातर कंपनियां छंटनी और सैलरी में कटौती कर रही हैं. लेकिन इस मुसीबत की घड़ी में टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी टीसीएस (Tata Consultancy Services) बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है. दरअसल टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने युवाओं के लिए इस साल 40,000 फ्रेशर्स की भर्ती करने जा रही है. इतना ही नहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने चालू वित्त वर्ष में US में कैंपस प्लेसमेंट को डबल करते हुए तकरीबन 2000 भर्तियां करने की योजना बनाई है.

COVID-19 संकट के बावजूद आईटी कंपनी Tata Consultancy Services करेगी 40,000 फ्रेशर्स की भर्ती करेगी
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ( फोटो क्रेडिट- Wikimedia Commons )

देश इस वक्त कोरोना वायरस से जूझ रहा है. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लगाना पड़ा. लॉकडाउन के कारण देश की कई कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा है. जिसका परिणाम यह हुआ कि ज्यादातर कंपनियां छंटनी और सैलरी में कटौती कर रही हैं. लेकिन इस मुसीबत की घड़ी में टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी टीसीएस (Tata Consultancy Services) बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है. दरअसल टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने युवाओं के लिए इस साल 40,000 फ्रेशर्स की भर्ती करने जा रही है. इतना ही नहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने चालू वित्त वर्ष में US में कैंपस प्लेसमेंट को डबल करते हुए तकरीबन 2000 भर्तियां करने की योजना बनाई है.

बता दें कि अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने TCS ईवीपी और ग्लोबल हेड ह्यूमन रिसोर्सेज मिलिंद लक्कड़ के हवाले से लिखा, फ्रेशर युवाओं की भर्ती के लिए कंपनी जल्द ही संपर्क कर सकती है. कंपनी ने माना जल्दी बिजनस पटरी पर लौटेगी. उन्होंने कहा कि फ्रेशर को हायर करने की हमारी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है. देश में 40 हजार भर्तियां करेंगे. उन्होंने कहा कि संख्या 35 हजार या 45 हजार भी हो सकती है.

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के सीईओ राजेश गोपीनाथन ने कहा था कि प्रत्येक वर्ष मार्च महीने में नियुक्ति करती है. लेकिन इस बार देश के भीतर कोरोना संकट और लॉकडाउन के कारण लेटरल हायरिंग पर रोक लगा दिया था. इससे पहले मई महीने में राजेश गोपीनाथन ने वार्षिक रिपोर्ट में अपने संदेश में कहा था कि सिक्योर बॉर्डरलेस वर्कस्पेसेज से टीसीएस के उपभोक्ताओं को जीवन की बेहतर गुणवत्ता का आनंद लेने में मदद मिलती है. यह सेवा वितरण को अधिक लचीला बनाता है. उन्होंने कहा कि उपभोक्ता इस मॉडल के साथ सहज हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 13, 2020 08:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).