Budget 2026: बजट से आम जनता को बड़ी राहत, इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं, वित्त मंत्री की घोषणाओं में जानें क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?
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Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (1 फरवरी, 2026) अपना लगातार नौवां बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने मध्यम वर्ग और वेतनभोगी वर्ग के लिए आयकर (Income Tax) के स्लैब में इस साल कोई बदलाव नहीं किया है. हालांकि, बजट में सीमा शुल्क (Customs Duty) में कटौती के जरिए मोबाइल फोन, कैंसर की दवाओं और सोलर पैनल से जुड़ी वस्तुओं को सस्ता करने का ऐलान किया गया है. 'सुधार एक्सप्रेस' के मंत्र के साथ पेश किए गए इस बजट में बुनियादी ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग को रफ्तार देने पर सबसे ज्यादा जोर रहा.

आयकर: जैसा था वैसा ही रहेगा

वित्त मंत्री ने घोषणा की कि व्यक्तिगत आयकर की दरों और स्लैब में कोई फेरबदल नहीं किया जा रहा है. पिछले साल किए गए बड़े बदलावों के बाद इस साल सरकार ने कर स्थिरता पर ध्यान दिया है. यह भी पढ़े:  Budget 2026: विदेश में पढ़ाई और इलाज हुआ सस्ता, वित्त मंत्री ने TCS दर 5% से घटाकर 2% की

  • नई कर व्यवस्था (New Tax Regime): 12.75 लाख रुपये तक की वार्षिक आय (स्टैंडर्ड डिडक्शन सहित) पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.

  • संशोधित रिटर्न: अब करदाता 31 मार्च तक अपना संशोधित (Revised) आईटीआर फाइल कर सकेंगे.

  • डिजिटल सुविधा: नया आयकर अधिनियम 2025 अब 1 अप्रैल से लागू होगा, जो कर प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाएगा.

बजट में क्या हुआ सस्ता? (Cheaper Items)

आम जनता के लिए राहत की सबसे बड़ी खबर स्वास्थ्य और तकनीक के मोर्चे पर आई है.

  • कैंसर की दवाएं: कैंसर की 36 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क पूरी तरह हटा दिया गया है, जिससे इनका इलाज सस्ता होगा.

  • मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स: मोबाइल फोन के पार्ट्स और चार्जर पर आयात शुल्क में कटौती की गई है, जिससे ब्रांडेड फोन के दाम गिर सकते हैं.

  • सोलर एनर्जी: सोलर सेल और पैनल के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर शुल्क घटाया गया है.

  • चमड़ा और कपड़ा: जूतों और कपड़ों के निर्माण से जुड़ी कच्ची सामग्रियों पर भी राहत दी गई है.

क्या हुआ महंगा? (Costlier Items)

कुछ खास चीजों पर टैक्स बढ़ाकर सरकार ने राजस्व जुटाने की कोशिश की है.

  • तंबाकू और सिगरेट: सिगरेट और पान मसाला पर राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क (NCCD) बढ़ा दिया गया है, जिससे ये उत्पाद महंगे हो जाएंगे.

  • हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन: कुछ विशिष्ट उच्च मूल्य वाले लेन-देन पर टीसीएस (TCS) की दरों में मामूली वृद्धि का प्रस्ताव है.

  • आयातित सामान: उन वस्तुओं पर सीमा शुल्क बढ़ाया गया है जिनका निर्माण अब भारत में पर्याप्त रूप से हो रहा है (Make in India).

रेलवे और बुनियादी ढांचे पर 'मेगा पुश'

वित्त मंत्री ने रेलवे के लिए रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय का आवंटन किया है. बजट में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिनमें मुंबई-पुणे और दिल्ली-वाराणसी जैसे मार्ग शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, सुरक्षा के लिए 'कवच 4.0' तकनीक को पूरे देश में तेजी से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है.

मेडिकल और शिक्षा के लिए बड़ी राहत

विदेशों में पढ़ाई (Education) और इलाज (Medical) के लिए पैसे भेजने वाले परिवारों के लिए टीसीएस (TCS) की दर को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है. इससे उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी जो अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के लिए एलआरएस (LRS) योजना का लाभ उठाते हैं.