Budget 2026: विदेश में पढ़ाई और इलाज हुआ सस्ता, वित्त मंत्री ने TCS दर 5% से घटाकर 2% की
बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशों में शिक्षा और इलाज को सस्ता करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. एलआरएस (LRS) के तहत शिक्षा और मेडिकल खर्चों पर टीसीएस (TCS) की दर को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है.
Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (1 फरवरी, 2026) संसद में बजट पेश करते हुए उन परिवारों को बड़ी राहत दी है जिनके बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं या जो विदेशों में चिकित्सा उपचार (Medical Treatment) कराते हैं. वित्त मंत्री ने लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और मेडिकल उद्देश्यों के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर 'टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स' (TCS) की दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है. यह बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होने की संभावना है.
मध्यम वर्ग के लिए वित्तीय राहत
सरकार के इस फैसले से मध्यम वर्ग की जेब पर पड़ने वाला बोझ काफी कम होगा. वर्तमान में, यदि कोई अभिभावक अपने बच्चे की विदेश में पढ़ाई के लिए पैसे भेजता था, तो उसे भुगतान की गई राशि पर 5% टीसीएस देना पड़ता था. अब इस दर में 3% की कटौती होने से न केवल तत्काल नकद प्रवाह (Cash Flow) में सुधार होगा, बल्कि विदेशों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करना पहले की तुलना में अधिक सुलभ हो जाएगा. यह भी पढ़े: Union Budget 2026: भारत बनेगा ग्लोबल ‘मेडिकल टूरिज्म हब’, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 रीजनल हब स्थापित करने का किया ऐलान
क्या है LRS और यह कैसे काम करता है?
लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत, भारतीय निवासियों को एक वित्तीय वर्ष में 2,50,000 डॉलर तक विदेश भेजने की अनुमति है. वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि अन्य उद्देश्यों (जैसे निवेश या पर्यटन) के लिए टीसीएस की दरें पहले जैसी ही रह सकती हैं, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए इनमें कटौती की गई है.
शिक्षा ऋण (Education Loan) पर भी असर
यदि कोई छात्र बैंक से शिक्षा ऋण लेकर विदेश में पढ़ाई कर रहा है, तो पहले से ही रियायती टीसीएस दर (0.5%) लागू रहती है. हालांकि, जो परिवार अपनी बचत या आय से सीधे पैसे भेजते थे, उनके लिए 5% की दर काफी भारी पड़ती थी. 2% की नई दर उन लाखों परिवारों के लिए फायदेमंद होगी जो अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में भेजते हैं.
पारदर्शिता और डेटा पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि टीसीएस दरों में कमी के बावजूद, सरकार विदेशों में होने वाले लेन-देन की कड़ी निगरानी जारी रखेगी. टीसीएस का भुगतान करदाता अपने आयकर रिटर्न (ITR) में क्रेडिट के रूप में दावा कर सकते हैं, लेकिन दर कम होने से रिफंड के लिए लंबे समय तक पैसा फंसने की समस्या खत्म हो जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 01, 2026 12:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

