Assam Bandh Today: असम में आज 12 घंटे का बंद, मोरान और मोटोक संगठनों ने किया प्रोटेस्ट; देखें क्या-क्या खुला रहेगा?
असम के डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया जिलों में मोरान और मोटोक संगठनों द्वारा आज 12 घंटे के बंद का आह्वान किया गया. इसके कारण आज सभी दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान, सरकारी और निजी कार्यालय, और बैंक बंद रहे.
Assam Bandh Today: असम के डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया जिलों में मोरान और मोटोक संगठनों द्वारा आज 12 घंटे के बंद का आह्वान किया गया. इसके कारण आज सभी दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान, सरकारी और निजी कार्यालय और बैंक बंद रहे. हालांकि, स्कूल बसों, परीक्षा के लिए जा रहे छात्रों और आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों को नहीं रोका जा रहा है. मोरान और मोटोक संगठन दोनों समुदायों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं.
बंद को सफल बनाने के लिए हजारों प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं और राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन चलने नहीं दिया. प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर भी जलाए. इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवा में दो राउंड फायरिंग करनी पड़ी.
असम में मोरान और मोटोक संगठनों का प्रोटेस्ट
The Moran and Motok Students Unions have called for a 12-hour bandh in Dibrugarh and Tinsukia on Monday.
Urging cooperation from the public, the bandh has been called by the student bodies in protest over the demand for Scheduled Tribe (ST) status for six communities, including… pic.twitter.com/0zgEm4FToq
— The Assam Tribune (@assamtribuneoff) November 10, 2024
जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने इस बंद के खिलाफ सख्त आदेश जारी किए थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इन आदेशों की परवाह किए बिना बंद को लागू किया. अब तक किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया गया है. यह आंदोलन असम के मोरान, मोटोक, चूतिया, ताई-आहोम, कोच-राजबोंगशी और चाय जनजातियों द्वारा लंबे समय से की जा रही ST स्थिति की मांग का हिस्सा है. इन समुदायों के लिए कई वर्षों से सरकार से एसटी स्थिति प्राप्त करने का वादा किया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
आंदोलनकारी संगठनों का कहना है कि सरकार ने उन्हें बार-बार आश्वासन दिया है, लेकिन अब उन्हें केवल सच्चे और ठोस कदमों की आवश्यकता है. AMSU के अध्यक्ष पुलेंद्र मोरान ने कहा कि आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज होगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 11, 2024 12:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

