Manoj Bajpayee Film ‘Ghooskhor Pandit: अभिनेता मनोज बाजपेयी की नई फिल्म 'घूसखोर पंडित' अपने शीर्षक को लेकर एक बड़े विवाद में फंस गई है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई यूजर्स ने फिल्म के नाम पर आपत्ति जताई है, आरोप लगाया है कि यह जातिवाद को बढ़ावा देता है और एक विशेष समुदाय को नकारात्मक रूप से चित्रित करता है. यह विवाद पिछले 48 घंटों में तेजी से बढ़ा है, जिसमें कई इंटरनेट यूजर्स ने फिल्म के शीर्षक को बदलने या उस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है.
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
फिल्म के शीर्षक की घोषणा के बाद से ही, सोशल मीडिया पर 'घूसखोर पंडित' के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. ट्विटर (अब एक्स) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर #BanGhooskhorPandit और #ChangeGhooskhorPandit जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। यूजर्स का तर्क है कि 'पंडित' शब्द एक सम्मानित समुदाय से जुड़ा है और इसे 'घूसखोर' जैसे नकारात्मक विशेषण के साथ जोड़ना आपत्तिजनक और अपमानजनक है. कई लोगों ने इसे ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ एक लक्षित हमला बताया है, जो समाज में विभाजन पैदा कर सकता है. यह भी पढ़े: Filmfare Awards 2025: फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में लापता लेडीज़’ का जलवा, देखें विजेताओं की पूरी लिस्ट
फिल्म निर्माताओं की चुप्पी
इस विवाद पर अभी तक फिल्म के निर्माताओं या अभिनेता मनोज बाजपेयी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. फिल्म की घोषणा कुछ समय पहले ही की गई थी और इसके विषय वस्तु के बारे में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है. हालांकि, फिल्म उद्योग में यह पहली बार नहीं है जब किसी फिल्म के शीर्षक या सामग्री को लेकर जातिगत या धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा हो। अतीत में भी कई फिल्मों को ऐसे ही विवादों का सामना करना पड़ा है, जिसके परिणामस्वरूप कभी-कभी शीर्षक में बदलाव या सेंसर बोर्ड के हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी है.
आगे की राह और संभावित प्रभाव
यह देखना बाकी है कि फिल्म निर्माता इस बढ़ते विवाद पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं। सोशल मीडिया पर जनमत का दबाव अक्सर फिल्म निर्माताओं को अपने निर्णयों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर करता है। यदि यह विवाद जारी रहता है, तो यह फिल्म की रिलीज और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. विश्लेषकों का मानना है कि निर्माताओं को जल्द ही इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देना होगा या संभावित रूप से शीर्षक में बदलाव पर विचार करना होगा ताकि अनावश्यक विवाद से बचा जा सके और फिल्म को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाया जा सके.













QuickLY