बॉलीवुड

म्यूजिक इंडस्ट्री में महामारी की स्थिति : आदित्य नारायण

पार्श्वगायिका नेहा कक्कड़ का गायकों को भुगतान न किए जाने के बारे में चौंकाने वाला खुलासा करने के बाद अब आदित्य नारायण का कहना है कि बॉलीवुड में गायकों को एक पैसा भी नहीं मिल रहा है, म्यूजिक इंडस्ट्री में भी महामारी की स्थिति है.

म्यूजिक इंडस्ट्री में महामारी की स्थिति : आदित्य नारायण
आदित्य नारायण (Photo Credits: Instagram)

नई दिल्ली: पार्श्वगायिका नेहा कक्कड़ (Neha Kakkar) का गायकों को भुगतान न किए जाने के बारे में चौंकाने वाला खुलासा करने के बाद अब आदित्य नारायण (Aditya Narayan) का कहना है कि बॉलीवुड में गायकों को एक पैसा भी नहीं मिल रहा है, म्यूजिक इंडस्ट्री में भी महामारी की स्थिति है. नेहा ने पहले आईएएनएस को बताया था, "हमें बॉलीवुड में गाना गाने के पैसे नहीं मिल रहे हैं. लोग सोचते होंगे कि एक सुपरहिट गाना गाकर हम खूब सारी कमाई करते हैं. लाइव कॉन्सर्ट व बाकी जगहों से हमें अच्छी रकम मिलती है, लेकिन बॉलीवुड में ऐसा कुछ नहीं है. हमसे गाना गवाया जाता है, लेकिन पैसे नहीं दिए जाते हैं."

इस वास्तविकता के बारे में बात करते हुए आदित्य ने आईएएनएस को बताया, "हमें एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिलती है. ऐसा लगता है कि वे हमें किसी गीत को गाने के लिए बुलाकर हम पर एहसान कर रहे हैं. मुझे मुफ्त में किसी चीज को करने में दिक्कत है. अब तो बात यह है कि गाना गाने से आपको एक्सपोजर मिलेगा. क्या करूंगा मैं एक्सपोजर के साथ? अगर मेरे पास घर चलाने और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसे ही न हो, तो मैं एक्सपोजर का क्या करूंगा? इसलिए कृपया शोषण करना बंद करें." यह भी पढ़ें: नेहा कक्कड़ का खुलासा, गायकों की कमाई गानें से कम और कॉन्सर्ट्स से ज्यादा होती है

उन्होंने इसकी वजह भी बताई. प्रख्यात पाश्र्वगायक उदित नारायण के बेटे ने कहा, "गायकों को इसलिए भुगतान नहीं किया जाता है क्योंकि बीस गायकों से एक गाना गवाया जाता है और इसके बाद एक कंपनी, एक निर्माता और एक एक्टर निश्चय करता है कि इसका वर्जन रखते हैं. मैंने ऐसा किसी और पेशे में होते नहीं देखा है. आप किसी एक ²श्य को फिल्माने के लिए बीस कलाकारों को नहीं बुलाते हैं और इसके बाद उनके द्वारा फिल्माए गए किसी एक के ²श्य को चुनते हैं."

आदित्य आगे कहते हैं, "तो गायकों के साथ ऐसा बर्ताव क्यों? सिर्फ इसलिए क्योंकि हमारी बेचारी और लाचारी है? हमारी अपनी मजबूरी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे कुछ भी करेंगे. कम से कम हमें एक गाने के 1000 रुपये ही दे दें? कुल मिलाकर यहां कई सारी दिक्कतें हैं, उम्मीद करता हूं कि हम इसका हल निकाल लेंगे, यही वजह है कि मैं अपनी पीढ़ी व आने वाली पीढ़ी को अपना खुद का म्यूजिक बनाने के लिए प्रोत्साहित करता हूं."

(The above story first appeared on LatestLY on May 03, 2020 12:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).