देश की खबरें | जाइडस कैडिला को संभावित कोविड टीके के तीसरे चरण के परीक्षण के लिए डीसीजीआई की मंजूरी मिली
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, तीन जनवरी जैवप्रौद्योगिकी विभाग ने रविवार को कहा कि भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने जाइडस कैडिला द्वारा विकसित किये जा रहे कोविड-19 के देश के पहले संभावित डीएनए टीके के तीसरे चरण के परीक्षण के लिए मंजूरी दे दी है।

जैवप्रौद्योगिकी विभाग के तहत आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम जैवप्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) के तत्वावधान में राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन (एनबीएम) ने संभावित टीके के लिए सहयोग प्रदान किया है।

डीबीटी ने कहा, ‘‘कोविड-19 के खिलाफ देश के पहले संभावित स्वदेश विकसित डीएनए टीके को तीसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण के लिए डीसीजीआई की मंजूरी मिल गयी है।’’

जाइडस कैडिला ने एक हजार से अधिक प्रतिभागियों में इस संभावित डीएनए टीके के पहले और दूसरे चरण का क्लिनिकल परीक्षण पूरा कर लिया है और अंतरिम आंकड़े बताते हैं कि टीका सुरक्षित है।

डीबीटी ने कहा, ‘‘अंतरिम आंकड़ों का अध्ययन करने वाली विषय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर डीसीजीआई ने 26,000 भारतीय प्रतिभागियों में तीसरे चरण का क्लिनिकल परीक्षण करने के लिए स्वीकृति दे दी है।’’

डीबीटी सचिव और बीआईआरएसी अध्यक्ष रेणु स्वरूप ने उम्मीद जताई कि संभावित टीका सकारात्मक परिणाम देता रहेगा।

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