मुंबई, 21 जून निजी क्षेत्र के यस बैंक ने मंगलवार को सावधि जमा (एफडी) पर रेपो आधारित ब्याज देने की घोषणा की। इसके लिये बैंक ने नया उत्पाद पेश किया है।
अब तक बाह्य मानक (रेपो आदि) संबद्ध ब्याज दर का उपयोग कर्ज के लिये ही किया जा रहा था। लेकिन जमा के मामले में ऐसी व्यवस्था नहीं थी।
भारतीय रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिये दो चरणों में नीतिगत दर रेपो में 0.90 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। साथ ही आने वाले समय में इसमें और वृद्धि की संभावना है।
रिजर्व बैंक के नीतिगत दर में बढ़ोतरी के बाद बैंकों ने कर्ज पर लगने वाले ब्याज को तो बढ़ाया लेकिन जमा के मामले में कदम काफी धीमे थे। इसको लेकर सवाल भी उठाए गए।
यस बैंक ने एक बयान में कहा कि उसकी नई पेशकश ग्राहकों को उनकी सावधि जमा (एफडी) पर गतिशील लाभ प्राप्ति की अनुमति देगी क्योंकि ब्याज दर मौजूदा रेपो दर से जुड़ी होगी।
‘फ्लोटिंग’ दर वाले सावधि जमा का लाभ, एक साल से लेकर तीन साल से कम अवधि के लिए प्राप्त किया जा सकता है।
यस बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रशांत कुमार ने कहा कि यह एक ऐसा उत्पाद है जिसे खुदरा उत्पाद की पेशकश बढ़ाने के उद्देश्य से सोच-विचार कर तैयार किया गया है।
कुमार ने कहा, ‘‘इस उत्पाद के मुख्य लाभों में से एक यह है कि ब्याज दर में संशोधन अपने आप लागू हो जाएगा और इसके लिए बैंक या ग्राहकों द्वारा किसी भी तरह के मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होगी।’’
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