देश की खबरें | अनुच्छेद 370 की समाप्ति से जम्मू कश्मीर, लद्दाख के विकास में आड़े आ रहे अवरोध हटे :नकवी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

लेह, 10 सितंबर केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बृहस्पतिवार को कहा कि अनुच्छेद 370 समाप्त होने से जम्मू कश्मीर और लद्दाख की विकास प्रक्रिया में अवरोध पैदा करने वाले अनावश्यक कानूनों के ‘गति अवरोधक’ तोड़ दिये गये हैं।

लद्दाख के अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन नकवी ने अनेक जनसभाओं को संबोधित किया तथा लेह, साबू-थांग, चुशोत शमा, चुशोत गोंगमा और फयांग में अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने केंद्रशासित प्रदेश में विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी की।

यह भी पढ़े | PM Modi-Shinzo Abe Talks: प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के पीएम शिंजो आबे से टेलिफोन पर की बात, अपने प्यारे दोस्त के लिए की ये कामना.

उन्होंने कहा कि अब जम्मू कश्मीर और लद्दाख को भी केंद्र सरकार की अनेक सामाजिक-आर्थिक तथा शैक्षिक सशक्तीकरण योजनाओं के लाभ मिल रहे हैं।

नकवी ने कहा कि 2019 में अनुच्छेद 370 समाप्त होने के साथ जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख के विकास में आड़े आ रहे राजनीतिक और कानूनी अवरोध समाप्त हो गये तथा दोनों ही केंद्रशासित प्रदेश अब देश के दूसरे राज्यों के साथ विकास के साक्षी बन रहे हैं।

यह भी पढ़े | केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले मुंबई में कंगना रनौत के घर पहुंचे: 10 सितंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने कहा, ‘‘अनुच्छेद 370 के समाप्त होने के बाद जम्मू कश्मीर, लेह और करगिल क्षेत्रों (लद्दाख) के 75 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उन्मुखी कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, 50 नये कॉलेज स्थापित किये जा रहे हैं, मौजूदा कॉलेजों में 25 हजार सीटें बढ़ाई गयी हैं, लाखों छात्रों को अनेक छात्रवृत्तियां प्रदान की गयी हैं, लद्दाख में एक नया मेडिकल कॉलेज, एक इंजीनियरिंग कॉलेज और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जा रहा है।’’

नकवी ने कहा कि खाली पड़े सरकारी पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गयी है और 35 हजार से अधिक स्कूल शिक्षकों को नियमित किया गया है। निर्माण श्रमिकों, पिट्ठूवालों, फेरीवालों तथा महिलाओं के लिए विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के वास्ते 500 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर और लेह-करगिल को ‘निवेश का केंद्र’ बनाने के लिए कदम उठाये गये हैं।

मंत्री ने कहा, ‘‘वैश्विक निवेश सम्मेलन से 14,000 करोड़ रुपये का निवेश आया है।’’

नकवी ने कहा कि जम्मू कश्मीर, लेह और करगिल जिलों की पूरी आबादी को स्वास्थ्य बीमा दिया गया है, 30 लाख से अधिक लोगों को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के तहत लाभ प्रदान किये गये हैं, कोरोना वायरस महामारी के दौरान 17 विशेष कोविड अस्पताल और 60,000 बिस्तर तैयार किये गये हैं। जम्मू कश्मीर और लेह-लद्दाख के करीब ढाई लाख लोगों की महामारी के दौरान घर वापसी कराई गयी है।

मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने अनेक प्रशासनिक, भूमि और आरक्षण संबंधी सुधार शुरू किये हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)