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Washing Machine Setting: कपड़े ज्यादा दिन तक चले, इसके लिए वाशिंग मशीन को इस सेटिंग पर करें इस्तेमाल

पृथ्वी की सतह से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अंतरिक्ष यात्री काफी सामान्य सामाजिक जीवन जीते हैं. वे अपने कपड़ों को बिना धोए कई दिनों और हफ्तों तक पहने रहते हैं.

Washing Machine Setting: कपड़े ज्यादा दिन तक चले, इसके लिए वाशिंग मशीन को इस सेटिंग पर करें इस्तेमाल
Washing Machine (img: Pixabay)

मेलबर्न, 17 मार्च : पृथ्वी की सतह से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अंतरिक्ष यात्री काफी सामान्य सामाजिक जीवन जीते हैं. वे अपने कपड़ों को बिना धोए कई दिनों और हफ्तों तक पहने रहते हैं. वे अपने कपड़ों को धोते नहीं हैं, क्योंकि वहां पर पानी की किल्लत है. लेकिन यहां धरती पर कपड़े धोना हमारे जीवन का एक हिस्सा है. एक अनुमान के मुताबिक, दुनिया भर में घरों में कपड़े धोने के लिए हर दिन 21,000 ओलंपिक ‘स्विमिंग पूल’ के बराबर पानी का इस्तेमाल किया जाता है. हमारे कपड़ों के रेशे हवा (इस्तेमाल के दौरान या ड्रायर में), पानी (धोने) और मिट्टी (कचरे के रूप में) के माध्यम से पर्यावरण में मिल जाते हैं. कपड़े के रेशे के झड़ने का आसानी से पता नहीं चलता है और हम तभी इस ओर ध्यान देते हैं जब हमारे पसंदीदा कपड़े ‘खराब’ हो जाते हैं और तबतक बहुत देर हो जाती है. यह भी पढ़ें : Mobile Phone Addiction in Children: स्मार्टफोन की लत 10 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए घातक, आंखों से परे होता है इसका असर

आप यह कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपकी पसंदीदा पोशाक उसे पहनने की आपकी इच्छा से अधिक समय तक टिके? सरल प्रश्न, जटिल उत्तर.

वॉशिंग मशीन नरमी नहीं बरतती

जब आप अपनी वॉशिंग मशीन और ड्रायर में फिल्टर साफ करते हैं, तो कितनी बार आप यह सोचकर रुकते हैं कि जो रेशा या फाहा आपने पकड़ा हुआ है, वह वास्तव में आपके कपड़े थे?

वस्तुत: धोना कपड़ों के लिए नुकसानदेह है और शोध इसकी पुष्टि करता है. इसमें कई कारक भूमिका निभाते हैं: वॉशिंग मशीन का प्रकार, वॉशिंग चक्र, डिटर्जेंट, तापमान, समय और कपड़े का प्रकार और धागे का निर्माण. घरों में दो तरह की वॉशिंग मशीन इस्तेमाल होती हैं: ‘टॉप-लोडर’ और ‘फ्रंट-लोडर’. यांत्रिक तौर पर घूमना (जिस तरह से मशीन कपड़ों को इधर-उधर घुमाती है) उन चीजों में से एक है जो कपड़े से गंदगी को कम करने में मदद करती है. ‘टॉप-लोडर’ में ‘पैडल’ के साथ एक ऊर्ध्वाधर, बाल्टी जैसी टोकरी होती है, जो बड़ी मात्रा में पानी के बीच कपड़ों को इधर-उधर करती है. ‘फ्रंट-लोडर’ में एक क्षैतिज बाल्टी होती है जो घूमती है, जिससे कपड़ों में कम मात्रा में पानी जाता है और यह ‘पैडल’ की बजाय गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल करती है.

‘टॉप-लोडिंग’ मशीनें फ्रंट-लोडर की तुलना में कपड़ों के लिए अधिक हानिकारक होती हैं और इसका कारण अलग-अलग यांत्रिक क्रियाएं और पानी की अधिक मात्रा है. वॉशिंग मशीन पैनल भी कई विकल्प देते हैं. कम तापमान वाले ‘प्रोग्राम’ आमतौर पर कपड़ों पर रोजमर्रा के लगने वाले दागों के लिए पर्याप्त होते हैं. उच्च तापमान ‘प्रोग्राम’ केवल उन कपड़ों के लिए चुने जिनके बारे में आप चिंतित हैं जैसे स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों की वर्दी आदि. मशीन निर्माता पानी की मात्रा, तापमान, घूमने की तीव्रता आदि के इस्तेमाल के बारे में जानकारी देते हैं. इसलिए गलत प्रोग्राम का चयन करने से आपके पसंदीदा कपड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. अगर आप चाहते हैं कि कपड़े से रेशा ज्यादा न निकले तो आपको अपने उन कपड़ों को कम धोना चाहिए.

रसायनों के इस्तेमाल में संयम बरतें

आप किस तरह के डिटर्जेंट और अन्य उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, इससे भी फर्क पड़ता है. डिटर्जेंट में साबुन के घटक, कम तापमान पर दाग हटाने को आसान बनाने वाले एंजाइम और सुगंध शामिल होती हैं. कुछ में डिटर्जेंट में कठोर तत्व भी होते हैं, जैसे ब्लीचिंग या व्हाइटनिंग एजेंट. आधुनिक डिटर्जेंट भोजन की चीजों के दाग को हटाने में बहुत प्रभावी हैं. धोने के चक्र, कपड़े धोने का डिटर्जेंट और गलत ब्लीचिंग सहायक का चयन नुकसानदेह हो सकता है. कुछ उत्पाद, जैसे कि ब्लीच, ऊन और रेशम के कुछ रेशों को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 17, 2024 04:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).