मेलबर्न, 14 दिसंबर (द कन्वरसेशन) राष्ट्रीय विकलांगता बीमा योजना (एनडीआईएस) की समीक्षा और विकलांगता शाही आयोग की अंतिम रिपोर्ट दोनों ने विकलांग लोगों के समावेश को सुनिश्चित करने में ‘‘पहुंच योग्य’’ इमारतों और घरों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
लेकिन विकलांग लोगों के अनुभवों से पता चलता है कि ऑस्ट्रेलिया इस लक्ष्य को हासिल करने से बहुत दूर है। ऐसे विकलांग लोगों की कहानियाँ हैं जो कार्यक्रमों या स्थानों तक नहीं जा सकते। और शोधकर्ताओं का कहना है कि जिन बाथरूम तक पहुंच होती है उनमें से आधे भी विकलांगता वाले लोगों के लिए उपयोग करने योग्य नहीं होते।
पहुंच योग्य भवन या घर किसे कहा जा सकता है? और क्या मानकों में सुधार किया जाना चाहिए?
पहुंच का अधिकार क्या है?
विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों पर कन्वेंशन में पहुंच का अधिकार शामिल है। ऑस्ट्रेलिया के 1992 के विकलांगता भेदभाव निषेध अधिनियम में यह सुनिश्चित करने के लिए परिसर मानक शामिल हैं कि विकलांग लोगों को "इमारतों, सुविधाओं और सेवाओं तक सम्मानजनक, न्यायसंगत, लागत प्रभावी और उचित पहुंच" मिले।
हालाँकि, किसी भवन को छूट दी गई है यदि मालिक यह प्रदर्शित कर सकते हैं कि भवन को संशोधित करने से उन्हें "अनुचित कठिनाई" होगी। किसी दुर्गम इमारत के बारे में शिकायत करने का बोझ विकलांग लोगों पर पड़ता है और यह अधिनियम निजी घरों पर भी लागू नहीं होता है।
यद्यपि विशेषज्ञ पहुंच की विभिन्न परिओं का पालन करते हैं, लेकिन आम तौर पर उनमें कुछ प्रमुख सिद्धांत शामिल होते हैं:
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