कोलकाता, 26 जून पश्चिम बंगाल सरकार ने किसानों के लिए बीमा दावे के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाने के मकसद से खराब मौसम के चलते फसल को हुए नुकसान का आकलन करने में इसरो के आंकड़ा संग्रहण प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने का निर्णय किया है।
राज्य के कृषि विभाग के अनुसार अधिकारी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय दूर संवेदी केंद्र (एनआरएससी) के साथ बातचीत कर रहे हैं। इससे खरीफ मौसम के दौरान फसलों को यदि कोई नुकसान होता है तो इसका पता लगाने के लिए वह अपने दूर संवेदी उपग्रह डेटा संग्रहणकर्ता प्रौद्योगिकी को लगा सके।
यह भी पढ़े | इंटरनेशनल फ्लाइट्स के परिचालन पर लगी रोक को 15 जुलाई तक बढ़ाया गया, DGCA ने जारी किया सर्कुलर.
राज्य के कृषि मंत्री आशीष बनर्जी ने पीटीआई से कहा, ‘‘इससे हमें क्षति का जल्द पता लगाने में मदद मिलेगी। इससे आंकड़ा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी आफ इंडिया लिमिटेड को सौंपा जा सकेगा।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘पहले कृषि अधिकारियों को क्षति का आकलन करने के लिए खेतों का दौरा करना पड़ता था और वे फसल की स्थिति देखते थे और इसके कारण उन्हें रिपोर्ट तैयार करने में समय लगता था। किसानों को मुआवजे के लिए कई महीने इंतजार करना पड़ता था।’’
यह भी पढ़े | कोरोना के केरल में 150 मरीज पाए गए पॉजिटिव: 26 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.
उन्होंने कहा कि एनआरएससी की प्रौद्योगिकी आधारित प्रणााली तेजी से और सटीक आंकड़ा संग्रह करना सुनिश्चित करेगी। यह क्षति आकलन रिपोर्ट तैयार करने का पहला और महत्वपूर्ण कदम है। इस रिपोर्ट को बाद में एग्रीकल्चर इंश्योरंस कंपनी आफ इंडिया लिमिटेड को सौंपा जाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें बीमा कंपनी की मंजूरी पहले ही मिल गई है। कुछ दिन पहले बीमा कंपनी और हमारे विभाग के बीच बैठक हुई थी। हमने जिला अधिकारियों से प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा है क्योंकि खरीफ मौसम पहले ही शुरू हो चुका है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY