देश की खबरें | नयी शिक्षा नीति में स्कूली बच्चों के लिए पौष्टिक नाश्ते का विचार स्वागतयोग्य कदम : नायडू
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चेन्नई, सात अगस्त उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र ने स्वास्थ्य और पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्कूली बच्चों को पौष्टिक नाश्ता मुहैया कराने की घोषणा स्वागत योग्य कदम है।

नायडू ने कहा कि हाल ही में घोषित शिक्षा नीति में स्कूली बच्चों को पौष्टिक नाश्ता प्रदान करने का प्रावधान है।

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वह यहां एमएस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक डिजिटल विमर्श कार्यक्रम का उद्घाटन कर रहे थे। कार्यक्रम का विषय ‘‘पौष्टिक भोजन के लिए विज्ञान, पोषण और आजीविका : मौजूदा चुनौतियों’’ था।

उन्होंने कहा, ‘‘यह (नयी शिक्षा नीति में घोषणा) एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन महामारी और भूख की समस्याओं के संदर्भ में बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है।"

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नायडू ने कहा कि केंद्र की स्वास्थ्य और पोषण संबंधी पहलों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शामिल है जिससे 98.16 लाख से अधिक महिलाएं, लाभान्वित हुयी हैं।

कृषि तकनीकों के बारे में उन्होंने कहा कि भारत कृषि के क्षेत्र में पारंपरिक ज्ञान का खजाना है।

उन्होंने कहा, "इस ज्ञान को पुरातन के रूप में अस्वीकार करने के बदले हमें इनमें से सर्वश्रेष्ठ तकनीकों को कृषि में आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ने का हरसंभव प्रयास करना चाहिए।"

उपराष्ट्रपति ने कहा कि खाद्य, कृषि और व्यापार नीतियों की लगातार समीक्षा की जानी चाहिए और उन्हें समय के अनुसार अद्यतन करना चाहिए।

उन्होंने कहा, "हमें उच्च प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में निवेश करने के बदले खाद्य उत्पादों की पोषण क्षमता को बनाए रखने के लिए बेहतर भंडारण, प्रसंस्करण और संरक्षण में निवेश करना चाहिए।"

उन्होंने जोर दिया कि लाखों लोगों के लिए खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की खातिर कृषि को अधिक कुशल, लचीला, लाभदायक और उत्पादक बनाने की आवश्यकता है। इसके अलावा, फसल की कटाई के पहले और बाद के नुकसान को भी कम किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में भूख, कुपोषण, शिशु मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है और भारत सरकार ने देश में स्वास्थ्य और पोषण संबंधी समस्याओं को हल करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

प्रोफेसर स्वामीनाथन को कृषि का "एन्साइक्लोपीडिया’’ बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह खुशी की बात है कि स्वामीनाथन द्वारा स्थापित फाउंडेशन का मकसद समुदायों के जीवन और आजीविका में सुधार के लिए कृषि और ग्रामीण विकास में आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देना है।

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