विदेश की खबरें | दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग चलाने के प्रस्ताव पर संसद में मतदान
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

यून ने तीन दिसंबर को देश में मार्शल लॉ लागू करने का आदेश दिया था, जिसके कारण देश में राजनीतिक उथल-पुथल मच गई। अधिकारी उनपर लगे विद्रोह के आरोपों की जांच कर रहे हैं।

महाभियोग संबंधी दस्तावेज की प्रतियां यून तथा संवैधानिक न्यायालय को सौंपे जाने के बाद यून की राष्ट्रपति संबंधी शक्तियां व कर्तव्य निलंबित कर दिए जाएंगे।

अदालत के पास यह तय करने के लिए 180 दिन का समय है कि यून को राष्ट्रपति पद से हटाया जाए या नहीं। अगर उन्हें पद से हटा दिया जाता है, तो 60 दिन में आम चुनाव कराने होंगे।

यून के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर संसद में दूसरी बार मतदान हुआ है। पिछले शनिवार को सत्तारूढ़ दल के अधिकतर सांसदों ने मतदान का बहिष्कार किया था, जिसके चलते यून को कुछ राहत मिली थी। सत्तारूढ़ पीपुल पावर पार्टी के कुछ सांसदों ने तब कहा था कि वे दूसरी बार होने वाले मतदान में भाग लेंगे।

मॉर्शल लॉ लागू करने के यून के आदेश के खिलाफ दक्षिण कोरिया में प्रदर्शन तेज हो गए जबकि उनकी लोकप्रियता में भी काफी गिरावट आई है।

पिछले दो सप्ताह से हर रात हजारों लोग कड़ाके की ठंड का सामना करते हुए राजधानी सियोल की सड़कों पर हैं और यून को पद से हटाने तथा गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।

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