विदेश की खबरें | कोविड-19 को लेकर लागू पाबंदियों के बीच सीरिया में नयी संसद के लिये मतदान

सूचना मंत्री इमाद सारा ने अपना वोट डालने के बाद संवाददाताओं से कहा कि मतदान इस बात को प्रदर्शित करने के लिये है कि नौ साल के संघर्ष के बाद भी सीरिया नहीं झुकेगा।

मार्च 2011 में संघर्ष शुरू होने के बाद से देश में तीसरी बार चुनाव हो रहा है। संघर्ष में चार लाख से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और देश की आधी आबादी विस्थापित हो गई है। वहीं, 50 लाख से अधिक लोग पड़ोसी देशों में शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं।

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चुनाव के लिये उच्चतर न्यायिक समिति के प्रमुख, न्यायाधीश समेर जुमरिक ने शनिवार को एक बयान में सरकारी समाचार एजेंसी सना से कहा कि 15 मतदान जिलों में 7,400 से अधिक मतदान केंद्र बनाये गये हैं।

पिछले महीने नये अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभावी होने और भ्रष्टाचार से लड़ने का अभियान छेड़े जाने के बाद यह चुनाव हो रहा है।

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देश की 250 सदस्यीय पीपुल्स असेंबली के लिये सरकार से मंजूरी प्राप्त करीब 1,656 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के लिये योग्य मतदाताओं की कुल संख्या की घोषणा नहीं की गई है।

सीरिया में अब तक के सभी चुनावों की तरह यह चुनाव भी राष्ट्रपति के प्रति वफादार संसद को चुनेगा।

सुबह में राष्ट्रपति बशर अल असद और उनकी पत्नी अस्मा ने दमिश्क में एक मतदान केंद्र में वोट डाला। वे मास्क पहने हुए थे।

असद कोविड-19 को लेकर लागू पाबंदियों के मद्देनजर इस साल दो बार संसदीय चुनाव टाल चुके हैं। असद खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।

उत्तर पश्चिमी प्रांत इदलीब में मतदान नहीं हो रहा है। यह सीरिया में विद्रोहियों के कब्जे वाला यह आखिरी इलाका है। इस पर अमेरिका समर्थित कुर्द नीत लड़ाकों का कब्जा है।

मतदान केंद्र सुबह सात बजे खुले और यह 12 घंटे बाद बंद होंगे। चुनाव परिणाम की घोषणा अगले दिन होने की उम्मीद है।

असद की सत्तारूढ़ अरब सोशलिस्ट बाथ पार्टी को करीब 167 सीटें आवंटित की गई है जबकि शेष सीटों पर कोरोबारी ,उद्योगपति सहित निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

अंतिम बार संसद का चुनाव अप्रैल 2016 में हुआ था। उस वक्त सीरिया का बड़ा हिस्सा सरकार के नियंत्रण से बाहर था और वहां के लोगों ने मतदान नहीं किया था। उसके बाद से असद के सैनिकों ने सीरिया के काफी बड़े हिस्से पर रूस और ईरान की मदद से अपना नियंत्रण कर लिया है।

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