जरुरी जानकारी | राज्यों की जीएसटी क्षतिपूर्ति में अड़चनों को लेकर विजयन ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

तिरुवनंतपुरम, दो सितंबर केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राज्यों को माल एवं सेवाकर (जीएसटी) क्षतिपूर्ति में आ रही अड़चनों पर चिंता व्यक्त की है और उनसे मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

विजयन ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है वह केन्द्रीय वित्त मंत्रालय को हिदायत दें कि वह जीएसटी क्षतिपूर्ति को बोझ राज्यों के ऊपर नहीं डालें। इस मामले में वित्त मंत्रालय को माल एवं सेवाकर (राज्यों को क्षतिपूर्ति) कानून 2017 को पालन करना चाहिये।

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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को 31 अगस्त को लिखे पत्र में कहा है कि बाजार से कर्ज जुटाकर जीएसटी क्षतिपूर्ति का दायित्व राज्यों के ऊपर डालने का काम जीएसटी कानून के लिये संवैधानिक संशोधन करते समय केन्द्र और राज्यों के बीच बनी सहमति के अनुरूप नहीं है। इस संबंध में केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों को कर्ज लेने के बारे में जो दो विकल्प बतायें हैं वह जीएसटी कानून की अवधारणा के खिलाफ है और इसे वापस लिया जाना चाहिये।

विजयन ने पत्र में कहा है कि वर्ष 2019- 20 के बाद से राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘एक अप्रैल 2020 से राज्यों को अब तक कोई भी क्षतिपूर्ति जारी नहीं की गई।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘चालू वित्त वर्ष के दौरान अप्रैल से अगस्त की अवधि में केरल का 7,000 करोड़ रुपये का बकाया बनता है।’’

विजयन ने कहा कि वित्त मंत्रालय ने जीएसटी परिषद की बैठक में कहा कि जीएसटी राजस्व में नुकसान का बड़ा हिस्सा कोविड- 19 की वजह से हुआ है। उन्होंने कहा कि केन्द्र के मुकाबले राजस्व नुकसान और खर्च का दबाव राज्यों पर कहीं ज्यादा है। ऐसे में राज्यों पर कर्ज बोझ बढ़ने से उनकी पहले से खराब वित्तीय स्थिति पर और दबाव बढ़ जायेगा।

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