अयोध्या/वाराणसी, 15 अप्रैल उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू शुक्रवार को सपरिवार अयोध्या और काशी पहुंचे तथा विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना की।
इस संबंध में उपराष्ट्रपति सचिवालय ने एक ट्वीट में कहा, "उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और उनकी पत्नी श्रीमती उषा नायडू आज अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर स्थल में, उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य।"
इससे पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विशेष ट्रेन अयोध्या रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची जहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, फैजाबाद के सांसद लल्लू सिंह और अयोध्या के अन्य जनप्रतिनिधियों ने उपराष्ट्रपति की अगवानी की।
उपराष्ट्रपति ने शाम को वाराणसी में सपरिवार गंगा आरती में भाग लिया जहां वह अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। वाराणसी के बनारस स्टेशन पर विशेष ट्रेन से पहुंचे उपराष्ट्रपति की अगवानी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने की। इसके साथ ही मौके पर कई भाजपा नेता और अधिकारी मौजूद रहे। बनारस स्टेशन पर कलाकारों ने लोक नृत्यों से उपराष्ट्रपति का स्वागत किया।
नायडू बनारस स्टेशन से सीधे दशाश्वमेध घाट के लिए रवाना हो गए जहां वह सपरिवार गंगा आरती में शामिल हुए। उपराष्ट्रपति, उनकी पत्नी और राज्यपाल ने विधि विधान से पूजा-अर्चना कर गंगा का दुग्धाभिषेक कर मां का आशीर्वाद लिया।
उपराष्ट्रपति एवं उनकी पत्नी उषा नायडू ने लगभग 55 मिनट तक हुई गंगा आरती को पूरी श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ देखा। वह बरेका के गेस्ट हाउस में रात्रि प्रवास करेंगे।
नायडू निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने दौरे के दूसरे दिन शनिवार को सुबह श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन- पूजन करेंगे। इसके बाद काल भैरव मंदिर में मत्था टेकेंगे और फिर चंदौली के पड़ाव स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्थल जाएंगे। स्मृति स्थल पर माल्यार्पण के बाद लगभग साढ़े बारह बजे वह बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस के लिए प्रस्थान करेंगे। गेस्ट हाउस में आराम करने के बाद उपराष्ट्रपति शाम को लाल बहादुर शास्त्री बाबतपुर हवाई अड्डे से शमशाबाद-हैदराबाद के लिए प्रस्थान करेंगे।
इसके पूर्व उपराष्ट्रपति नायडू अपनी पत्नी के साथ अयोध्या में राम जन्मभूमि स्थल पहुंचे, जहां उन्हें राम मंदिर निर्माण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। राम जन्मभूमि स्थल पहुंचने पर पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नायडू का स्वागत किया।
सूचना विभाग द्वारा जारी बयान के मुताबिक, भ्रमण कार्यक्रम के तहत उपराष्ट्रपति ने श्रीराम लला विराजमान मंदिर परिसर क्षेत्र में चल रहे भव्य निर्माण कार्य एवं मंदिर स्थल का निरीक्षण किया और गर्भगृह में पूजा-अर्चना की।
इस दौरान एलईडी के माध्यम से तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चम्पत राय ने एलएनटी एवं टाटा कंसल्टेंसी के अधिकारियों की उपस्थिति में मंदिर निर्माण के बिन्दुवार/चरणबद्व निर्माण संबंधित बिन्दुओं पर जानकारी दी।
तीर्थ क्षेत्र के प्रमुख न्यासी डॉ. विमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र ने सभी को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया तथा अन्य बिन्दुओं की जानकारी दी।
उपराष्ट्रपति ने इसके अगले चरण में रामलला विराजमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया और आरती में भाग लिया। मंदिर के मुख्य अर्चक सतेन्द्र नाथ ने पुजारी सहयोगी के साथ मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजन-अर्चन कराया।
इसके बाद, उपराष्ट्रपति हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचे और भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्य महंत एवं संतों ने उन्हें अंगवस्त्र और आशीर्वाद दिया।
उपराष्ट्रपति ने सरयू घाट पर परिवार सहित जल आचमन किया तथा मां सरयू का दीपदान आदि से पूजन किया।
राम लला के दर्शन के समय आगंतुक पुस्तिका में उपराष्ट्रपति ने लिखा,'' पत्नी एवं परिवार के सदस्यों के साथ श्रीराम लला जी के दर्शन करने से मेरा जीवन धन्य हो गया। भगवान राम सदियों से उच्च संस्कारों, भारत की विरासत, संस्कृति, मानव परंपराओं को मर्यादा के साथ आगे बढ़ाने के लिए पूजे जाते हैं... यह मंदिर भारत के गौरव को बढ़ाने वाला तथा अद्वितीय होगा। इसके निर्माण कार्य में जुड़े समस्त लोगों, श्रद्वालुओं और केन्द्र व राज्य सरकार को हार्दिक बधाई देता हूं तथा अयोध्या में परिवार सहित आकर श्रीराम लला गर्भगृह में परिवार सहित पूजा-अर्चना करने से मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं। मैं प्रभु श्री राम के चरणों में प्रणाम करता हूं।’’
उपराष्ट्रपति ने कुछ संतों से भी मुलाकात की और राम मंदिर के निर्माण में लगे इंजीनियरों तथा श्रमिकों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
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