बेंगलुरु, 15 जून विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा लाए गए धर्मांतरण-रोधी कानून को रद्द करने के कर्नाटक मंत्रिमंडल के फैसले की निंदा करते हुए राज्य भर के सभी जिला केंद्रों पर शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है।
इसने कहा है कि विरोध शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में होगा।
कर्नाटक मंत्रिमंडल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्ववर्ती सरकार द्वारा लाए गए धर्मांतरण-रोधी कानून को निरस्त करने का बृहस्पतिवार को फैसला किया। राज्य सरकार आगामी तीन जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में इस संबंध में एक विधेयक लाएगी।
विहिप की कर्नाटक इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष एम.बी. पुराणिक ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत एक हिंदू देश है जहां का संविधान सभी धर्मों के लोगों को हिंदुओं के साथ सह-अस्तित्व की अनुमति देता है। इसी तरह, कर्नाटक में भी हिंदुओं के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोगों को अपने धर्म का पालन करने की अनुमति है। हम इसे स्वीकार करते हैं और इस पर सवाल नहीं उठाते। लेकिन, हम हिंदुओं को बहला-फुसलाकर या डराकर उनके जबरन धर्मांतरण की निंदा करते हैं।’’
उन्होंने कहा कि अन्य धर्मों के लोगों के अलावा बड़ी संख्या में हिंदुओं ने भी कांग्रेस को वोट दिया है और पार्टी केवल अल्पसंख्यकों के वोटों से ही नहीं बल्कि उनके वोटों से सत्ता में आई है।
विहिप नेता ने कर्नाटक सरकार से अपना फैसला वापस लेने की मांग की।
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