नयी दिल्ली, छह जून भारतीय जनता पार्टी के दो पदाधिकारियों द्वारा पैगंबर मोहम्मद के विरुद्ध कथित तौर पर बयान देने पर उपजे विवाद के बीच, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सोमवार को कहा कि भारत में ईशनिंदा के विरुद्ध एक “कड़ा कानून” होना चाहिए।
विहिप ने कतर एअरवेज का बहिष्कार करने का आह्वान करते हुए चलाए जा रहे ‘ट्विटर ट्रेंड’ का भी समर्थन किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध संगठन ने उक्त विवाद पर कतर सरकार के रुख पर सवाल उठाया और कहा कि वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में हाल में “मिले” शिवलिंग को जब कुछ लोगों ने फव्वारा बताया तो इससे हिंदू मान्यताओं का अपमान हुआ।
विहिप के बयान से एक दिन पहले सऊदी अरब, कतर, ईरान और कुवैत ने पैगंबर के विरुद्ध दिए गए बयान पर अपनी निंदा प्रकट की थी और “मान्यताओं तथा धर्मों का सम्मान” करने का आह्वान किया था।
संगठन के प्रवक्ता विनोद बंसल ने कतर सरकार के रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, “हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी एम. एफ. हुसैन के लिए प्रेम और नूपुर शर्मा की निंदा… वाह कतर सरकार… ! कतर एअरवेज का बहिष्कार करें।”
विहिप के एक अन्य प्रवक्ता विजय शंकर ने ट्वीट किया, “भारत में, ईशनिंदा कानून की अब बहुत जरूरत है।” उन्होंने कहा, “काशी में शिवलिंग को फव्वारा बताकर हिंदू मान्यताओं का अपमान किया गया, अब यह देखना है कि उनके साथ क्या कार्रवाई की जाएगी।”
भाजपा ने रविवार को अपनी राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को निलंबित और दिल्ली प्रदेश के मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल को निष्कासित कर दिया था। शर्मा और जिंदल द्वारा पैगंबर मोहम्मद के विरुद्ध कथित आपत्तिजनक बयान देने पर कुछ मुस्लिम देशों द्वारा विरोध दर्ज कराया गया था जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
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