देहरादून, 15 जुलाई उत्तराखंड में राज्य सचिवालय के कामकाज को ई-ऑफिस किए जाने के पश्चात अब प्रदेश के शहरी विकास निदेशालय को भी ई-आफिस के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। शहरी विकास निदेशालय ई-ऑफिस के रूप में परिवर्तित होने वाला राज्य का पहला निदेशालय है। सरकारी बयान में इसकी जानकारी दी गयी है।
बयान में कहा गया है कि इस संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को ट्रेड लाइसेंस, सम्पति कर एवं मिश्रित सेवाओं को ऑनलाईन करने के लिये बनाये गये सॉफ्टवेयर की शुरूआत की ।
इस मौके पर रावत ने कहा कि ई-आफिस लागू होने से जहाँ विभागीय कार्यप्रणाली में तेजी आयेगी और गुणात्मक सुधार होगा, वहीं नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता तथा जवाबदेही में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही नागरिकों को इन सेवाओं की प्राप्ति सुगमता से एवं घर बैठे प्राप्त हो सकेगी।
यह भी पढ़े | आंध्र प्रदेश: कोरोना से मरने वाले पीड़ित के अंतिम संस्कार के लिए 15 हजार रूपया देगी सरकार.
उन्होंने कहा कि विभागीय कामकाज को ई-प्लेटफॉर्म पर लाने के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है ।
ई—ऑफिस लागू होने से शहरी विकास निदेशालय की समस्त विभागीय पत्रावलियों को अब डिजिटल प्लेटफार्म पर ई-फाइलिंग के रूप में चलाया जाएगा । नेशनल इनफॉरमेटिक सेंटर (एन०आई०सी) एवं आई0टी0डी0ए0 के सहयोग से ई-ऑफिस कार्यप्रणाली को स्थापित किया गया है।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि डिजिटाइजेशन के फलस्वरूप इन सेवाओं की आपूर्ति प्रणाली में व्यापक सुधार तथा पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी तथा साथ ही नगर निकायों की सेवाओं के राजस्व में भी व्यापक रूप से बढोत्तरी हो सकेगी।
प्रदेश के शहरी विकास सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि नगर निकायों के माध्यम से दी जाने वाली जनआधारित सेवाओं को भी डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराने की पहल की गयी है । उन्होंने बताया कि अल्पावधि में ही नगर निकायों की महत्वपूर्ण सेवाओं को ऑनलाईन किये जाने की कार्यवाही पूर्ण की गई है।
उन्होंने बताया कि शहरी सुधार और ई-गवर्नेस को बढावा दिये जाने के उद्देश्य से निदेशालय स्तर पर एक सेल का गठन किया जा रहा है जिससेे अर्बन गवर्नेस को राज्य में बेहतर किया जा सके।
अपर सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि ई-ऑफिस के लिये समस्त अधिकारियों एवं कार्मिकों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है।
लोकापर्ण कार्यक्रम में नगर निगम देहरादून के एक व्यवसायी को ऑनलाइन ट्रेड लाइसेंस जारी किया गया जबकि नगर निगम रूडकी के संपत्ति कर के एक आवेदन को ऑनलाइन जमा किया गया।
दीप्ति
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY