देश की खबरें | उत्तराखंड: ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दरार पड़ने के बाद जमीन धंसने के संकेत

गोपेश्वर, 19 अगस्त उत्तराखंड के चमोली जिले में पुरसाड़ी गांव के पास ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के लगभग 50 मीटर लंबे हिस्से पर दरार पड़ने के बाद जमीन धंसने के संकेत नजर आ रहे हैं।

चमोली और नंदप्रयाग के बीच, राजमार्ग का यह हिस्सा अलकनंदा नदी की ओर धंस रहा है। अधिकारियों ने पहाड़ों की ओर से आने वाले वाहनों को धीमी गति से चलाने का चालकों को निर्देश दिया है।

चालकों को सतर्क करने के लिए प्रभावित स्थान पर एक पुलिस दल को तैनात किया गया है।

यातायात निरीक्षक प्रवीण आलोक ने बताया कि वाहनों की सुरक्षा के लिए भूमि-धंसाव वाले संवेदनशील स्थान पर चमकदार पट्टियां लगाई गई हैं और चालकों को सावधानी से वाहन चलाने के लिए कहा जा रहा है।

वर्ष 2013 में आई केदारनाथ आपदा के बाद से पुरसाड़ी के पास जमीन धंसने की घटनाएं बढ़ गई हैं।

इसके परिणामस्वरूप, सरकार ने इस क्षेत्र की बड़ी कंपनियों और विशेषज्ञों को शामिल कर एक सड़क को स्थिर रखने की परियोजना शुरू की और करोड़ों रुपये की लागत से अलकनंदा नदी के किनारे कंक्रीट ब्लॉकों का निर्माण किया गया। इसके बाद जमीन का धंसना रूक गया था।

हालांकि, इस स्थान पर फिर से भू-क्षरण के संकेत नजर आ रहे हैं।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अभियंता दरारों को मिट्टी और पत्थरों से भरकर भूस्खलन संभावित क्षेत्र की मरम्मत करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस मानसून में भारी बारिश के कारण राजमार्ग पर न केवल भूस्खलन के नये स्थान बने हैं, बल्कि पुराने स्थलों पर भी यह गतिविधि फिर से शुरू हो गई हैं,जिससे यातायात बार-बार बाधित हो रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के महाप्रबंधक एवं क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में शामिल शैलेन्द्र कुमार ने पीटीआई- को बताया कि भूस्खलन को रोकने के लिए अलकनंदा नदी के किनारों पर कंक्रीट ब्लॉकों का निर्माण किया गया था, जिससे नदी किनारे मिट्टी का कटाव रुक गया था।

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