ताजा खबरें | उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सरकार से लोकायुक्त की नियुक्ति करने को कहा

नैनीताल, 27 जून उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राज्य सरकार को आठ सप्ताह के भीतर लोकायुक्त की नियुक्ति करने का निर्देश दिया । भ्रष्टाचार रोधी कार्यालय पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोकायुक्त की नियुक्ति न होने पर कड़ा असंतोष जताते हुए मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने सरकार से आठ सप्ताह के भीतर लोकायुक्त की नियुक्ति करने तथा संस्था को क्रियाशील बनाने को कहा। उच्च न्यायालय ने सरकार को आदेश की अनुपालन रिपोर्ट सौंपने तक लोकायुक्त कार्यालय पर होने वाले सभी खर्च को स्थगित रखने को कहा ।

उच्च न्यायालय का यह आदेश हल्द्वानी के गौलापार के सामाजिक कार्यकर्ता रविशंकर जोशी द्वारा दायर की गयी जनहित याचिका पर आया है ।

याचिका में कहा गया है कि लोकायुक्त संस्था के नाम पर दो से तीन करोड़ रुपये सालाना खर्च किया जाता है लेकिन सरकार ने अभी तक लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की । याचिका पर अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी ।

लोकायुक्त की नियुक्ति की जरूरत पर प्रकाश डालते हुए याचिका में कहा गया है कि राज्य की सभी जांच एजेंसियां वर्तमान में सरकार के नियंत्रण में हैं ।

याचिका के अनुसार, उत्तराखंड में ऐसी कोई जांच एजेंसी नहीं हैं जिसके पास सरकार की पूर्वानुमति के बिना अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने या जांच के बाद किसी भी अदालत में आरोपपत्र दाखिल करने का अधिकार है ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)