लखनऊ, तीन नवम्बर उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मंगलवार शाम छह बजे तक 53 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी रमेश चंद्र राय ने बताया कि सात सीटों के उप चुनाव के लिये शाम छह बजे तक सभी सीटों पर औसतन 53.62 प्रतिशत वोट पड़े। मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम छह बजे तक चला।
उन्होंने बताया कि शुरू में मतदान की गति धीमी रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ इसमें तेजी आयी। शाम छह बजे तक नौगांवा सादात सीट पर 61.50 प्रतिशत, बुलंदशहर सीट पर 52.10 प्रतिशत, टूंडला सीट पर 54 प्रतिशत, बांगरमऊ सीट पर 50.59 प्रतिशत, घाटमपुर सीट पर 49.42 प्रतिशत, देवरिया सीट पर 51.05 फीसद तथा मल्हनी सीट पर 56.65 प्रतिशत वोट पड़े।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सुबह ही ट्वीट कर मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में सहभागी बनने की अपील की थी। उन्होंने शाम को भी ट्वीट कर शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी मतदाताओं के प्रति आभार जताया।
योगी ने मतदाताओं कहा कि आप जिस तरह कोरोना से बचाव सम्बन्धी सावधानियों का पालन करते हुए लोकतंत्र के इस महापर्व में सहभागी बनें, वह अनुकरणीय है। इसके लिए उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने देर शाम भाजपा मुख्यालय से जारी एक बयान में उपचुनाव में मतदाताओं की उत्साहजनक सहभागिता के लिए उनका आभार जताया है।
मतदान संपन्न होने के साथ ही समाजवादी पार्टी ने अपनी जीत का दावा किया है लेकिन, सत्तारूढ़ दल पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने शाम को जारी बयान में आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की सातों विधानसभा के उपचुनावों में आज सभी प्रबुद्ध मतदाताओं ने सत्तारुढ़ भाजपा के तमाम 'हथकंडों और दबावों' को नकारते हुए समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान किया।
चौधरी ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी मतदाताओं को इसके लिए बधाई दी है और निर्भीकता से अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए उनकी प्रशंसा की है।
मुख्य प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि यद्यपि मतदाता सपा के पक्ष में मतदान के लिए सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लाइन में लग गए थे किंतु कई स्थानों पर धांधली कर उनके उत्साह पर पानी फेरने के प्रयास किए गए।
इससे पहले सुबह मतदान शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ लेकिन कुछ स्थानों पर मतदान के बहिष्कार की भी सूचनाएं मिलीं। फिरोजाबाद से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, टूंडला विधानसभा क्षेत्र में आठ मतदान केंद्रों पर करीब छह घंटे तक बहिष्कार के बाद अधिकारियों के समझाने पर मतदान शुरू हुआ, लेकिन एक मतदान केंद्र पर सात मत पड़ने के बाद मतदाताओं ने पुन: बहिष्कार कर दिया। इसके अलावा, इसी क्षेत्र के एक और बूथ पर मतदान का बहिष्कार कर रहे मतदाता अंत तक नहीं माने। मतदाताओं ने विकास कार्य न होने की शिकायत करते हुए मतदान का बहिष्कार किया। रुधऊ मुस्तकिल मतदान बूथ संख्या 30 के मतदाताओं ने 'विकास नहीं तो वोट नहीं' के नारे लगाते हुए मतदान का बहिष्कार किया है। कुछ प्रमुख लोगों के मनाने के बावजूद मतदाताओं ने वोट का बहिष्कार जारी रखा।
रुधऊ में मुख्य विकास अधिकारी के अलावा शिकोहाबाद विधायक मुकेश वर्मा भी मतदाताओं को मना नहीं सके। टूंडला के 8 मतदान बूथों में से एक बूथ नगला बलू पर समझाने के बाद मतदान शुरू हुआ लेकिन कुल 07 मत पड़ने के बाद पुनः बहिष्कार शुरू हो गया और अंत तक जारी रहा जबकि सात बूथों पर अधिकारियों के समझाने पर छह घंटे बाद मतदान शुरू हो सका।
उन्नाव से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, बांगरमऊ सीट के उप चुनाव में भी बूचा गाढ़ा गांव में मतदान का बहिष्कार किया गया। हालांकि प्रशासन द्वारा आश्वासन दिये जाने के बाद करीब चार घंटे बाद मतदान शुरू हुआ।
नौगांवा सादात सीट पर भाजपा की प्रत्याशी संगीता चौहान ने फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए पर्दानशीं महिलाओं का बुर्का हटाकर ही उन्हें वोट डालने की मांग की थी।
संगीता ने संवाददाताओं से कहा ''फर्जी वोटिंग हो रही है, मगर प्रशासन ने हमारे बार-बार कहने के बाद कोई सुनवाई नहीं की। बुर्का हटाकर ही वोटिंग होनी चाहिये। आईडी से जांच होनी चाहिये। यह कानून के मुताबिक न्यायोचित होगा।'' प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह इन आरोपों की जांच कराएंगे।
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