प्रयागराज, 26 जून इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को कोविड-19 की जांच के लिए जल्द से जल्द सभी जिलों में रैपिड टेस्टिंग किट का उपयोग करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि राज्य में मास्क पहनना और सामाजिक दूरी का पालन हो।
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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ ने एक जनहित याचिका पर बृहस्पतिवार को यह आदेश पारित किया और इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख नौ जुलाई तय की।
सुनवाई के दौरान अपर महाधिवक्ता ने अदालत को सूचित किया कि एक मई, 2020 को जारी सरकारी आदेश के मुताबिक, प्रयागराज शहर को विभिन्न मोहल्ला समितियों में बांटा गया है और ये समितियां शहर के लोगों से संपर्क कर यह पता लगा रही हैं कि कहीं उनके परिवार में किसी को कोविड-19 के लक्षण तो नहीं हैं।
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उन्होंने बताया कि इसके अलावा, पिछले एक सप्ताह में राज्य सरकार ने जांच की संख्या 17,000 प्रतिदिन से बढ़ाकर 20,000 प्रतिदिन कर दी है। रैपिड टेस्टिंग किट से इस वायरस का पता लगाने की पद्धति उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जल्द से जल्द लागू की जाएगी।
अदालत ने प्रदेश सरकार की यह कहते हुए सराहना की कि “जांच में पिछले एक सप्ताह में आए उल्लेखनीय परिवर्तन और राज्य में कोविड-19 मरीजों का पता लगाने, उनकी जांच और इलाज करने के लिए हम प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की तारीफ करना चाहेंगे।”
अदालत ने जिला प्रशासन को सुनवाई की अगली तारीख तक एक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। इससे पूर्व 18 जून को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को प्रदेश में व्यापक स्तर पर कोविड-19 की जांच करने का सुझाव दिया था।
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