जरुरी जानकारी | 'अनिश्चित' भूराजनीतिक संकट तेल-गैस की आपूर्ति में पैदा कर सकता है बाधाएं: सीतारमण

वाशिंगटन, 14 अक्टूबर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि ‘तनावपूर्ण’ और ‘अनिश्चित’ भू-राजनीतिक संकट सर्दियों में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस जैसे महत्वपूर्ण जिंसों की आपूर्ति में नयी चिंताओं को पैदा कर सकता है।

उन्होंने साथ ही मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियादी पहलुओं और सरकार के संरचनात्मक सुधारों के आधार पर भारत के आर्थिक दृष्टिकोण पर आशावाद व्यक्त किया।

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का वैश्विक ऊर्जा प्रणाली पर बुरा प्रभाव पड़ा है। इसके कारण आपूर्ति और मांग बाधित हुई है और विभिन्न देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक संबंधों में खटास आई है।

सीतारमण ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की विकास समिति की बैठक में विश्व बैंक समूह को संसाधन जुटाने के लिए अभिनव तरीके तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘भू-राजनीतिक संकट तनावपूर्ण और अनिश्चित बना हुआ है। यह सर्दियों में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस जैसी महत्वपूर्ण जिंसों की आपूर्ति में नयी चिंताओं को पैदा कर सकता है। साथ ही विकसित अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति नियंत्रण एक प्रमुख चिंता का विषय होगा।’’

सीतारमण ने आईएमएफ और विश्व बैंक की ताजा वार्षिक बैठक में कहा, ‘‘हालांकि.....मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियादी पहलुओं और सरकार के संरचनात्मक सुधारों के आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए दृष्टिकोण आशावादी बना हुआ है।’’

सीतारमण ने कहा कि खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के खतरे के साथ सख्त वित्तीय स्थिति और बढ़ती ब्याज दरों ने दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को वापस लाने और महामारी के कारण होने वाले विकास के झटके को दूर करने के प्रयासों के लिए बड़ी चुनौतियां पेश की हैं।

सीतारमण ने कहा कि वैश्विक बाधाओं के बावजूद आईएमएफ का अनुमान है कि भारत 2022 और 2023 दोनों में छह प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के साथ एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

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