दाखिला, परीक्षाओं के बारे में चर्चा के लिए यूजीसी ने बैठक बुलायी
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नयी दिल्ली, 27 अप्रैल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) ने सोमवार को कोविड-19 की वजह से लागू लॉकडाउन के कारण स्थगित किए गए अकादमिक सत्र, नए दाखिलों और परीक्षाओं के संचालन पर चर्चा करने के लिए एक आपात बैठक बुलाई।

   यूजीसी के अधिकारियों ने कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में जारी लॉकडाउन के मद्देनजर अकादमिक नुकसान और ऑनलाइन शिक्षा के मुद्दों को देखने के लिए गठित दो पैनलों द्वारा की गई सिफारिशों पर विचार-विमर्श किया।

हरियाणा विश्वविद्यालय के कुलपति आरसी कुहाड़ की अगुवाई में एक समिति का गठन लॉकडाउन के दौरान विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं के संचालन के तरीकों और वैकल्पिक शैक्षणिक सत्र के बारे में उपाय करने के लिए किया गया था।

दूसरी समिति ऑनलाइन शिक्षा में सुधार के उपाय सुझाने के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के कुलपति नागेश्वर राव के नेतृत्व में गठित की गई थी। दोनों पैनलों ने पिछले सप्ताह शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने कहा, ‘‘वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज एक आपात बैठक आयोजित की गई। दोनों समितियों की रिपोर्टों, दिशानिर्देशों और कार्यान्वयन योजनाओं पर चर्चा की गई और कुछ सुझाव आयोग के सदस्यों द्वारा दिए गए। हम जल्द ही विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए दिशानिर्देश जारी करेंगे।’’

केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए किए जा रहे उपायों के तहत 16 मार्च को देश भर के सभी स्कूल, कॉलेज बंद करने के आदेश दिये थे। उसके बाद 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई जिसे बाद में बढ़ाकर तीन मई कर दिया गया है।

माना जा रहा है कि समितियों ने शैक्षणिक सत्र जुलाई के बजाय सितंबर में शुरु करने की सिफारिश की है। सिफारिशों में यह भी कहा गया है कि यदि विश्वविद्यालयों के पास संसाधन तथा अवसंरचना हो तो वे ऑनलाइन परीक्षाएं करा सकते हैं नहीं तो लॉकडाउन खत्म होने पर परीक्षाएं कराने की प्रतीक्षा करें।

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