ईटानगर/डिब्रूगढ़, दो अप्रैल अरुणाचल प्रदेश के तिराप जिले में दो आम नागरिक ''भूलवश'' सेना की गोली लगने से घायल हो गये । सेना के सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि ये घटना शुक्रवार शाम को चासा गांव में उस समय हुई, जब दो ग्रामीण नदी में मछली पकड़ने के बाद घर वापस लौट रहे थे। ग्रामीणों की पहचान नोक्फया वांगदान (28) और रामवांग वांग्सू (23) के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि सेना द्वारा दोनों ग्रामीणों को उपचार के लिए डिब्रूगढ़ में असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएमसीएच) भेजा गया है।
सेना के एक सूत्र ने कहा, ''सशस्त्र उग्रवादियों की आवाजाही संबंधी विश्वसनीय सूचना थी, जिसके चलते विशेष बलों ने कार्रवाई की।''
सूत्रों ने कहा कि ये घटना गलत पहचान के कारण भूलवश हुई।
एएमसीएच के अधीक्षक डॉ प्रशंता दिहिंग्या ने कहा कि घायलों में से एक के हाथ में जबकि दूसरे के पैर में गोली लगी। उन्होंने कहा कि दोनों घायल खतरे से बाहर हैं।
घायलों को अस्पताल ले जाने के दौरान साथ रहे एक ग्रामीण ने संवाददाताओं से कहा, ''वे दोनों अनाथ हैं। अब एक का हाथ जबकि दूसरे का पैर जख्मी है। सरकार को दोनों के लिए कुछ करना होगा।''
इस बीच, तिराप जिले के भाजपा अध्यक्ष कामरांग तेसिया ने कहा कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय सुरक्षा बलों के ऐसे कृत्यों के कारण उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा होता है।
उल्लेखनीय है कि सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (आफस्पा) को पूर्वोत्तर के चार राज्यों- असम, नगालैंड, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश के केवल 31 जिलों में पूरी तरह और 12 जिलों में आंशिक रूप से प्रभावी है। अरुणाचल प्रदेश के तिराप में अगले छह महीने के लिए आफस्पा को बढ़ाया गया है।
आफस्पा सुरक्षा बलों को अभियान चलाने और बिना वारंट के किसी को भी गिरफ्तार करने की शक्ति प्रदान करता है और अगर सुरक्षा बलों की गोली से किसी की मौत हो जाए तो भी यह कानून उन्हें गिरफ्तारी और अभियोजन से संरक्षण प्रदान करता है।
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