नयी दिल्ली, 29 मार्च भूकंप प्रभावित म्यांमा में ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत राहत एवं बचाव कार्य में सहायता के लिए अपने प्रयासों को तेज करते हुए भारत ने पड़ोसी देश में दो नौसैन्य जहाज भेजे हैं। एक ‘फील्ड हॉस्पिटल’ को शनिवार को हवाई मार्ग से वहां भेजा गया। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि इस मानवीय सहायता अभियान के तहत दो और भारतीय नौसैन्य जहाज वहां पहुंचेंगे।
उन्होंने कहा कि मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) को विमान के माध्यम से भेजे जाने के अलावा, आगरा से 118 सदस्यों वाला एक ‘फील्ड हॉस्पिटल’ भी शनिवार को भेजे जाने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि म्यांमा में भारत के राजदूत राहत प्रयासों का समन्वय करने के लिए इस समय राजधानी नेपीता में हैं। उन्होंने बताया कि म्यांमा में भारतीय समुदाय के किसी व्यक्ति के हताहत होने की अभी तक कोई सूचना नहीं है।
जायसवाल ने बताया कि भारत ने शुक्रवार को आए भीषण भूकंप से प्रभावित म्यांमा के लोगों की सहायता के लिए ‘‘सबसे पहले कदम उठाने वाले’’ देश के रूप में काम किया है। उन्होंने पिछले वर्ष म्यांमा में आए चक्रवात ‘यागी’ के बाद भारत द्वारा प्रदान की गई राहत एवं सहायता की याद दिलाई।
भारत ने भूकंप प्रभावित म्यांमा को मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए शनिवार तड़के ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू किया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारतीय नौसैन्य जहाज आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री 40 टन मानवीय सहायता लेकर यांगून बंदरगाह की ओर बढ़ रहे हैं।
जायसवाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ब्रह्मा सृष्टि के रचयिता हैं। ऐसे समय में जब हम म्यांमा सरकार और वहां के लोगों को तबाही के बाद उनके देश के पुनर्निर्माण में मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं, इस अभियान का यह खास नाम विशेष महत्व रखता है।’’
उन्होंने बताया कि 15 टन राहत सामग्री लेकर पहला विमान आज तड़के करीब तीन बजे हिंडन एयरफोर्स बेस से उड़ा। यह भारतीय समयानुसार सुबह करीब आठ बजे यांगून पहुंचा। राहत सामग्री लेने के लिए भारतीय राजदूत वहां मौजूद थे और उसके बाद उन्होंने इसे यांगून के मुख्यमंत्री को सौंप दिया।
अधिकारियों ने बताया कि तंबू, ‘स्लीपिंग बैग’, कंबल, तैयार भोजन, जल शुद्धिकरण उपकरण, सौर लैंप, जनरेटर सेट और आवश्यक दवाओं समेत राहत सामग्री भेजी गई।
म्यांमा और उसके पड़ोसी देश थाईलैंड में शुक्रवार को भीषण भूकंप आने से इमारतें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए।
खबरों के मुताबिक, म्यांमा में भूकंप के कारण अब तक 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
जायसवाल ने कहा, ‘‘म्यांमा में आई त्रासदी के तुरंत बाद हमारे प्रधानमंत्री ने अपनी चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि भारत संकट की इस घड़ी में म्यांमा, वहां के लोगों और सरकार को हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है।’’
आज, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने म्यांमा के सैन्य जनरल मिन आंग ह्लाइंग से बात की और कहा कि भारत उनके देश में आए भीषण भूकंप से मची तबाही से निपटने के प्रयासों में उनके साथ एकजुटता से खड़ा है।
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