देश की खबरें | 175 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में दो और पकड़े गये

हैदराबाद, 28 अगस्त हैदराबाद में छह बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी के जरिये 175 करोड़ रुपये की हेराफेरी के सिलसिले में बुधवार को दो और व्यक्तियों--एक सरकारी बैंक के शाखा प्रबंधक एवं जिम प्रशिक्षक को गिरफ्तार किया गया। ‘तेलंगाना साइबर सिक्यूरिटी ब्यूरो’ ने यहां यह जानकारी दी।

‘तेलंगाना साइबर सिक्यूरिटी ब्यूरो’ ने इस घोटाले में कथित संलिप्तता को लेकर पहले दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। अब, बैंक प्रबंधक एवं जिम प्रशिक्षक की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में अब तक चार लोग गिरफ्तार किये गये हैं।

ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि शम्सीरगंज में बैंक शाखा प्रबंधक ने ठगों के साथ मिलीभगत कर चालू बैंक खाते खोलने, पैसे निकालने और उन पैसों की हेराफेरी करने में मदद पहुंचायी और यह सब करने के पीछे उसकी एक मंशा कमीशन पाना था।

बयान में कहा गया है कि ‘साइबर सिक्यूरिटी ब्यूरो’ की डेटा विश्लेषण टीम को शम्सीरगंज में सरकारी बैंक के छह खातों के खिलाफ ‘नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल’ पर कई शिकायतें नजर आयीं और उनका सावधानपूर्वक विश्लेषण करने पर यह सामने आया कि इस साल मार्च और अप्रैल की महज दो महीने की अवधि में इन खातों के जरिए काफी अधिक रकम का लेन-देन किया गया।

बैंक खाता धारकों पर बड़े पैमाने पर इस साइबर ठगी में शामिल होने का संदेह था । यह पाया गया कि करीब 600 शिकायतों का संबंध इन खातों से हैं।

पुलिस ने कहा कि दुबई से अपना धंधा कर रहे मुख्य ठग और उसके पांच साथी गरीबों को बैंक खाता खुलवाने का लालच देने तथा साइबर अपराधों एवं हवाला धंधों में उनके (खातों के) इस्तेमाल करने के एवज में उन्हें कमीशन देने में शामिल थे।

पुलिस का कहना है कि मुख्य ठग के निर्देश पर आरोपियों एवं अन्य सहयोगियों ने कमीशन का लालच देते हुए कुछ गरीबों को इस साल फरवरी में बैंक की शम्सीरगंज शाखा में छह बैंक खाते खोलने के लिए राजी किया । आरोपी पहले गिरफ्तार किये गये थे।

पुलिस ने कहा कि मार्च और अप्रैल में इन छह खातों में कुल 175 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया। कुछ पैसे क्रिप्टोकरेंसी के तौर पर दुबई भेजे गये।

पुलिस ने कहा कि सहयोगियों ने मुख्य ठग के निर्देश पर पैसे निकाल लिये और अपने एजेंट के मार्फत उन्हें इन (गरीब) लोगों में वितरित कर दिये।

पुलिस ने लोगों से किसी अन्य के लिए बैंक खाता नहीं खुलवाने या संदिग्ध लेन-देन में शामिल नहीं रहने को चेताया है।

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