मुम्बई, 20 अक्टूबर मुम्बई पुलिस की अपराध शाखा ने फर्जी टेलीविन रेटिंग प्वाइंट्स (टीआरपी) रैकेट के सिलसिले में मंगलवार को हंसा रिसर्च एजेंसी के दो पूर्व कर्मियों को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
इस तरह, इस मामले में अब तक आठ लोग गिरफ्तार किये जा चुके हैं।
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रामजी वर्मा (41) और दिनेश विश्वकर्मा (37) ने कुछ सालों के लिए हंसा एजेंसी में काम किया था।
अधिकारी के अनुसार वर्मा को वर्ली से गिरफ्तार किया गया जबकि विश्वकर्मा को मुम्बई हवाईअड्डे से शाम को गिरफ्त में लिया गया।
यह कथित फर्जी टीआरपी घोटाला तब सामने आया जब रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) ने हंसा रिसर्च ग्रुप के माध्यम से शिकायत दर्ज करायी कि कुछ चैनल विज्ञापनदाताओं को आकर्षित करने के लिए टीआरपी अंक के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं।
आरोपी है कि दर्शक संबंधी आंकड़े के संग्रहण के लिए जिन परिवारों में मीटर लगाये गये थे और उनमें से कुछ को कुछ खास चैनल देखने के लिए रिश्वत दी जाती थी।
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