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डॉनल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग ने बीजिंग में की द्विपक्षीय वार्ता
भारत सरकार ने सितंबर तक चीनी के निर्यात पर रोक लगाई
यूपी में तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने से करीब 90 लोगों की मौत
भारत ने कहा, स्थिरता के लिए ब्रिक्स की ओर देख रहे हैं उभरते हुए देश
छह बार के विधायक वीडी सतीशन होंगे केरल के अगले मुख्यमंत्री
यूपी में तेज आंधी-तूफान और बिजली गिरने से करीब 90 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश में बुधवार को भीषण आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ. राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बुधवार को आए तीव्र तूफान के कारण कम से कम 89 लोगों की मौत हो गई, जबकि 53 लोग घायल हो गए. इस दौरान तेज हवाओं, बिजली गिरने और भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया.
आंधी के कारण व्यापक नुकसान भी हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, 87 मकान क्षतिग्रस्त हो गए और 114 मवेशियों की मौत हो गई. तेज हवाओं से पेड़ और होर्डिंग्स उखड़कर सड़कों और वाहनों पर गिर गए, जिससे कई हादसे हुए. कई लोगों की मौत पेड़ गिरने और मकानों की दीवार ढहने से हुई.
राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के भीतर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है और घायलों के इलाज की व्यवस्था करने को कहा है.
भारत ने कहा, स्थिरता के लिए ब्रिक्स की ओर देख रहे हैं उभरते हुए देश
भारत की राजधानी नई दिल्ली में गुरुवार, 14 मई को ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक शुरू हुई है, जो 15 मई तक चलेगी. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस बैठक की शुरुआत में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि “हालिया संघर्षों ने संवाद और कूटनीति के महत्व को रेखांकित किया है” और उभरते हुए देश स्थिरता के लिए ब्रिक्स की ओर देख रहे हैं.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एस जयशंकर ने कहा कि "अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भारी उथल-पुथल" का सामना कर रही दुनिया में ब्रिक्स समूह से "रचनात्मक और स्थिर भूमिका" निभाने की उम्मीद की जा रही है. उन्होंने आगे कहा कि जारी संघर्ष और अनिश्चितताएं वैश्विक परिदृश्य को नया आकार दे रही हैं, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए चुनौतियां और उम्मीदें दोनों ही पैदा हो रही हैं.
भारत में जारी इस बैठक पर ईरान युद्ध की भी छाया है क्योंकि इसमें ईरान और यूएई दोनों शामिल हो रहे हैं, जो संघर्ष में एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हुए हैं. ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अरागची और यूएई की ओर से उप विदेश मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार बैठक में शामिल होने भारत आए हैं. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते संयुक्त बयान पर समूह के भीतर आम सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है.
ब्राजील, रूस, भारत और चीन द्वारा स्थापित इस समूह में 2011 में दक्षिण अफ्रीका को भी शामिल किया गया था. हालिया सालों में मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात भी इसमें शामिल हुए हैं. भारत इस साल ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता कर रहा है.
छह बार के विधायक वीडी सतीशन होंगे केरल के अगले मुख्यमंत्री
4 मई को चुनाव परिणामों की घोषणा होने के करीब 10 दिन बाद केरल को अपना नया मुख्यमंत्री मिल गया है. कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन को कांग्रेस विधायक दल का नेता घोषित किया है, जिससे उनके सीएम बनने का रास्ता साफ हो गया है. कई दिनों तक चली बातचीत के बाद कांग्रेस पार्टी इस फैसले तक पहुंच सकी. वीडी सतीशन के अलावा कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला भी सीएम पद की दौड़ में थे.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, नए सीएम के नाम की घोषणा होने के बाद केरल कांग्रेस समिति राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात करेगी और सरकार बनाने का दावा पेश करेगी. कांग्रेस केरल में 10 साल बाद सत्ता में लौटी है. कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने राज्य की 140 में से 102 सीटों पर जीत हासिल की है.
वीडी सतीशन इस बार लगातार छठवीं बार विधायक चुने गए हैं. उन्होंने परवूर सीट पर करीब 20,000 वोटों के अंतर से जीत हासिल की. वे साल 2001 में पहली बार इस सीट से चुनाव जीते थे और तब से लगातार इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. केरल विधानसभा के पिछले कार्यकाल में उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई थी.
भारत सरकार ने सितंबर तक चीनी के निर्यात पर रोक लगाई
दुनिया के दूसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादक देश भारत ने 30 सितंबर या अगले आदेश तक चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी है. इसकी वजह कम उत्पादन की संभावना के बीच घरेलू स्तर पर उपलब्धता बढ़ाकर चीनी की कीमतों को नियंत्रण में रखना है. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने चीनी की निर्यात नीति में संशोधन करते हुए एक अधिसूचना जारी की है.
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अधिसूचना के अनुसार, कच्ची चीनी, सफेद चीनी और रिफाइंड चीनी के निर्यात की स्थिति 'प्रतिबंधित' से बदलकर 'वर्जित' कर दी गई है. सरकार ने कहा कि यह रोक 30 सितंबर, 2026 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगी.
हालांकि, सरकार ने कहा कि यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका को सीएक्सएल और टैरिफ दर कोटा (टीआरक्यू) व्यवस्था के तहत निर्यात संबंधित सार्वजनिक अधिसूचनाओं में निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार जारी रहेगा.
ब्राजील के बाद दुनिया के सबसे बड़े चीनी निर्यातक भारत ने पहले घरेलू मांग से अधिक उत्पादन की उम्मीद में मिलों को लगभग 1.59 मिलियन मीट्रिक टन चीनी निर्यात करने की अनुमति दी थी.
निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों से वैश्विक स्तर पर कच्ची और सफेद चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. साथ ही ब्राजील और थाईलैंड जैसे प्रतिद्वंद्वी उत्पादकों के लिए एशियाई और अफ्रीकी बाजारों में निर्यात के अवसर खुल सकते हैं.
ताइवान को लेकर शी जिनपिंग ने ट्रंप को दी चेतावनी
अमेरिका और चीन के बीच हुई शिखर वार्ता में ताइवान का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान स्पष्ट किया कि ताइवान दोनों देशों के संबंधों में सबसे संवेदनशील और अहम विषय है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे को सावधानी से नहीं संभाला गया, तो यह क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाकर खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है.
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बैठक के दौरान जहां एक ओर व्यापार वार्ता में प्रगति के संकेत दिए गए, वहीं शी ने जोर देकर कहा कि सहयोग दोनों देशों के हित में है, जबकि टकराव से दोनों को नुकसान होगा. चीन ने ताइवान पर अपने दावे को दोहराते हुए अमेरिका से इस मुद्दे पर संयम बरतने की अपेक्षा की. दूसरी ओर, अमेरिका ताइवान को रक्षा सहयोग प्रदान करता रहा है, जो बीजिंग की चिंता का प्रमुख कारण है.
वहीं, ट्रंप ने भी सकारात्मक रुख दिखाते हुए शी की तारीफ की और कहा, "आप एक महान नेता हैं… लोग कभी-कभी मुझे ऐसा कहने से रोकते हैं, लेकिन मैं फिर भी कहता हूं." उन्होंने इस बैठक को संभवतः "अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन" भी बताया.
डॉनल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग ने बीजिंग में की द्विपक्षीय वार्ता
चीन की राजधानी बीजिंग में गुरुवार, 14 मई को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच हाई-प्रोफाइल शिखर वार्ता हुई. ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित इस बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने जोर देते हुए कहा कि अमेरिका और चीन को "प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार" बनना चाहिए, क्योंकि सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद है जबकि टकराव नुकसानदायक साबित होगा.
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बैठक से पहले दोनों नेताओं का भव्य स्वागत किया गया, जिसमें सैन्य सम्मान गार्ड, ब्रास बैंड और हाथों में झंडे लिए बच्चों की मौजूदगी शामिल थी. बच्चों ने "वेलकम" के नारे लगाए और दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाकर गर्मजोशी दिखाई. इस दौरान ट्रंप ने भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिका और चीन के बीच "शानदार भविष्य" होगा और उन्होंने शी जिनपिंग को अपना मित्र बताया.












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