जम्मू, छह मार्च जम्मू-कश्मीर के कठुआ और रामबन जिलों में कड़े सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत आतंकवादियों के दो कथित मददगारों (ओवरग्राउंड वर्करों या ओडब्ल्यूजी) को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) एक प्रशासनिक कानून है जो कुछ मामलों में बिना आरोप या सुनवाई के दो साल तक हिरासत में रखने की अनुमति देता है।
एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कठुआ की बिलावर तहसील के धनोपरोले निवासी भुट्टू को जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर पीएसए के तहत हिरासत में लिया गया और उधमपुर जिला जेल में बंद कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि आरोपी एक ‘कट्टर’ ओजीडब्ल्यू था जो ‘‘पिछले कुछ वर्षों से अवैध गतिविधियों’’ में शामिल था।
प्रवक्ता ने बताया कि रामबन के दलवाह-गुल निवासी मंजूर अहमद उर्फ फुरकान को भी राष्ट्र विरोधी और असामाजिक गतिविधियों में कथित संलिप्तता के लिए पीएसए के तहत हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अगस्त में पीएसए के तहत हिरासत में लेने के लिए आवश्यक मंजूरी प्राप्त होने के बाद से अहमद गिरफ्तारी से बच रहा था।
प्रवक्ता ने बताया कि एक विशेष पुलिस टीम ने अहमद के खिलाफ पीएसए वारंट की तामील की, जो फिलहाल जम्मू जिला जेल में बंद है।
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