अगस्त में व्हाइट हाउस से विज्ञान सलाहकार के रूप में जुड़े स्कॉट एटलस ने ट्वीट किया था, ‘‘क्या मास्क काम करता है? नहीं।’’
इसके अलावा उनका यह भी कहना था कि लोगों को मास्क पहनने के लिए कहने वाली नीति का समर्थन नहीं किया जा सकता है।
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ट्विटर के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह ट्वीट कंपनी की उस नीति का उल्लंघन है, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति कोविड-19 के संबंध में ऐसी गलत या भ्रामक जानकारी पोस्ट नहीं कर सकता है, जिसकी वजह से लोगों को नुकसान पहुंचे। नीति के तहत उन बयानों को प्रतिबंधित कर दिया जाता है, स्वास्थ्य विशेषज्ञ जिनके गलत होने या भ्रामक होने की पुष्टि करते हैं।
इस तरह के मामलों में ट्विटर संबंधित व्यक्ति के अकाउंट को तब तक निष्क्रिय रखता है जब तक वह खुद अपने पोस्ट को नहीं हटाता।
राष्ट्रपति ट्रंप कोरोना वायरस से निपटने में मास्क की उपयोगिता को लगातार कमतर बताते रहे हैं और यहां तक कि उन्होंने खुद संक्रमित होने के बाद भी ऐसा करना जारी रखा।
इस संक्रमण से अब तक 2,15,000 अमेरिकी लोगों की मौत हो चुकी है।
एटलस ने एक ईमेल में कहा, ‘‘मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि ट्वीट क्यों हटा दिये गये।’’
उन्होंने ट्विटर के इस कदम को सेंसरशिप करार दिया है। एटलस ने कहा कि उनका इरादा यह बताना था कि लोगों को मास्क पहनने के लिए कहने वाली नीति कारगर नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि मास्क से संबंधित सही नीति यह है कि इसका इस्तेमाल तब किया जाए जब कोई सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर सकता हो।
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