जमशेदपुर,16 जनवरी जनजाति संगठन आदिवासी सेंगल अभियान (एएसए) ने घोषणा की है कि वह झारखंड में ‘मरांग बुरु’ (पारसनाथ पहाड़ी) को जैन समुदाय के ‘कब्जे’ से ‘मुक्त’ कराने के लिए मंगलवार अर्थात कल से एक माह की यात्रा की शुरुआत करेगा।
संगठन के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि एएसए के कार्यकर्ता संगठन के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सलखन मुर्मू की अगुवाई में असम, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के आदिवासी बहुल 50 जिलों में प्रदर्शन करेंगे।
एएसए के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मरांग बुरु बचाओ यात्रा देश के सभी आदिवासी बहुल जिलों से हो कर गुजरेगी और फरवरी के अंतिम सप्ताह में यह यात्रा समाप्त होगी।’’
इससे पहले 14 जनवरी को एएसए के अध्यक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिख कर स्थान की शुचिता को बरकरार रखने तथा पारसनाथ पहाड़ी को आदिवासियों को सौंपने की मांग की थी।
पूर्व सांसद ने ‘मरांग बुरु’ को जैन समुदाय को सौंपने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने आदिवासियों के साथ छल किया है।
एएसए 14 फरवरी को रांची में ‘मरांग बुरु-सरना महाधरना’ तथा ‘राष्ट्रीय आदिवासी एकता महासभा’ का आयोजन करेगा।
गौरतलब है कि देश भर के जैन धर्मावलम्बी पारसनाथ पहाड़ी को पर्यटन स्थल के रूप में नामित करने वाली झारखंड सरकार की 2019 की अधिसूचना को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, उन्हें डर है कि उनके पवित्र स्थल पर मांसाहारी भोजन और शराब का सेवन करने वाले पर्यटकों का तांता लग जाएगा।
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