देश की खबरें | दिल्ली उच्च न्यायालय में पांच महीने बाद अदालत कक्षों में सुनवाई, वकीलों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, एक सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय में पांच महीने बाद मंगलवार को अदालत कक्षों में सुनवाई होने पर वकीलों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कई वकीलों ने अदालत से अपील की है कि उनके मामलों पर सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये की जाए।

कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिये दिल्ली उच्च न्यायालय में 24 मार्च से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मामलों की सुनवाई चल रही है।

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इस बीच, मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल तथा न्यायमूर्ति प्रतीक जालान और न्यायमूर्ति विपिन सांघी तथा न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की दो खंड पीठों और न्यायमूर्ति जयंत नाथ, न्यायमूर्ति वीके राव, न्यायमूर्ति योगेश खन्ना की तीन एकल पीठों ने अदालत कक्ष में मामलों की सुनवाई की।

यही खंडपीठ और न्यायाधीश बुधवार को भी सुनवाई करेंगे। इसके अगले दो दिन इसी तरह अन्य खंडपीठ और न्यायाधीश मामलों की सुनवाई करेंगे। अन्य खंड पीठ और एकल पीठ मंगलवार की तरह वीडियो कांफ्रेंस के जरिये सुनवाई करेंगे।

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मुख्य न्यायधीश, न्यायमूर्ति नाथ और न्यायमूर्ति राव की अदालतों के कर्मचारियों ने कहा कि कई मामलों में वकीलों ने संकेत दिया है कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सुनवाई को तरजीह देते हैं। उन्होंने आग्रह किया है कि उनके मामलों को उस दिन सूचीबद्ध किया जाए जब वीडियो कॉन्फ्रेंस से सुनवाई होनी हो।

अदालत कक्ष में सुनवाई को लेकर जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार एक सितंबर से सभी पांचों दिन उच्च न्यायालय खुलेगा, लेकिन न्यायमूर्ति और पीठें बारी-बारी से बैठेंगी।

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