विदेश की खबरें | तालिबान के 400 कैदी रिहा करने पर फैसला लेने के लिए काबुल में पारम्परिक परिषद की बैठक

काबुल, सात अगस्त (एपी) अफगानिस्तान की राजधानी में एक पारम्परिक परिषद ने 400 तालिबान कैदियों को छोड़ने पर फैसला करने के लिए शुक्रवार को एक बैठक की।

अफगानिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व और तालिबान के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत शुरू करने की राह में यह आखिरी बाधा है।

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अफगानिस्तान में चिर शान्ति के लिए बातचीत एक अहम कदम है। वार्ता से ही इस बात का फैसला होगा कि एक शांतिपूर्ण अफगानिस्तान कैसा दिखेगा, कौन से संवैधानिक परिवर्तन किए जाएंगे, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा कैसे की जाएगी और दोनों पक्षों के हथियारों से लैस हजारों लोगों का भविष्य तय होगा।

वहीं तालिबान ने शुक्रवार को एक बयान में काबुल में हो रही बैठक को अमान्य करार देते हुए कहा कि इसको कोई कानूनी दर्जा प्राप्त नहीं है।

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अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ बृहस्पतिवार को यह स्पष्ट कर चुके हैं कि अगर तालिबान के साथ शांति वार्ता की दिशा में आगे बढ़ना है तो 400 कैदियों को रिहा करना ही होगा।

पोम्पिओ ने एक बयान में कहा था कि हम मानते हैं कि सब कैदियों की रिहाई के हक में नहीं है लेकिन इस मुश्किल कदम से जरूरी परिणाम निकल कर आएंगे।

तालिबान के मुख्य वार्ताकार, मुल्ला अब्दुल गनी बरादर से इस सप्ताह वीडियो कॉल पर बात करने वाले पोम्पिओं ने कहा था कि तालिबान वार्ता शुरू होते ही हिंसा कम करने को तैयार हो गया है।

तालिबान के राजनीतिक प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने भी पहले कहा था कि तालिबान और काबुल के नेतृत्व के बीच वार्ता में स्थायी संघर्ष विराम प्रमुख एजेंडा होगा।

गौरतलब है कि अमेरिका और तालिबान के बीच फरवरी में हुए समझौते के तहत काबुल को पांच हजार तालिबान कैदियों को रिहा करना था जबकि तालिबान को एक हजार सरकारी और सैन्य कर्मियों को छोड़ना था।

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