नयी दिल्ली, पांच जून भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) समेत दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने सरकार के कथित श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ तीन जुलाई को एक देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का शुक्रवार को आह्वान किया।
दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त बयान में कहा गया, "हम तीन जुलाई 2020 को राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस (प्रोटेस्ट डे) के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये सभी विचारों के ट्रेड यूनियनों और श्रमिक वर्ग से शामिल होने का आह्वान करते हैं।’’
उन्होंने कहा कि राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस आयोजित करने के बाद, राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल सहित असहयोग और अवहेलना का एक ठोस रूप अगले चरण में उचित समय पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, स्वतंत्र संघों और संगठनों के संयुक्त मंच द्वारा तय किया जायेगा।
इन दस केंद्रीय ट्रेड यूनियन में भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक), हिंद मजदूर सभा (एचएमएस), सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू), ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटक), ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी), ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एआईसीसीटीयू), सेल्फ-एंप्लॉयड वुमन एसोसिएशन (सेवा), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (एलपीएफ) और यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (उटक) शामिल हैं।
देश में कुल 12 केंद्रीय ट्रेड यूनियन हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY