कोलकाता, तीन फरवरी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने पार्टी को राजनीतिक परामर्श देने वाली एजेंसी ‘आई-पैक’ (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) पर गंभीर आरोप लगाये हैं। उन्होंने दावा किया है कि ‘आई-पैक’ के जुड़ाव के कारण पार्टी के भीतर अवसरवादी लोगों को जगह मिलने से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की छवि धूमिल हुई है।
‘आई-पैक’ के अधिकारियों की फिलहाल प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
एक बांग्ला समाचार चैनल से बातचीत में कमरहाटी के विधायक मित्रा ने कहा, ‘‘ममता बनर्जी का नाम कभी किसी घोटाले से नहीं जुड़ा। हालांकि, अब उनकी प्रतिष्ठा पर ‘पैकवालों’ (आई-पैक सदस्यों) की हरकतों के कारण दाग लगा है।’’
मित्रा टीएमसी के अंदरूनी मुद्दों को लेकर मुखर रहे हैं।
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि एजेंसी से जुड़े लोगों ने अवांछनीय प्रभाव डाला है, कुछ लोग ‘आई-पैक’ से होने का दावा करते हुए मंत्रियों पर दबाव भी डाल रहे हैं तथा विभिन्न मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने ‘आई-पैक’ के दृष्टिकोण पर भी कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘हमने 2009 से बिना किसी बाहरी एजेंसी की मदद के, अपने दम पर बैठकें और रैलियां आयोजित करके चुनाव जीते हैं। बाहरी हस्तक्षेप तब शुरू हुआ, जब ‘आई-पैक’ के कुछ लोगों ने प्रवेश किया और अनावश्यक व्यवधान पैदा किया।’’
इससे पहले, मित्रा ने पार्टी की छवि सुधारने और भ्रष्टाचार के बारे में अपनी चिंताएं प्रकट की थीं। उन्होंने आगाह किया था कि टीएमसी के भीतर कुछ तत्व ‘‘पैसे लेकर पार्टी के पदों को बेच रहे हैं।’’
मित्रा ने जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने दावा किया था कि टीएमसी जिला समितियां बड़ी रकम के लिए पार्टी पदों को बेच रही हैं, जिला समितियों में पदों के लिए 10 लाख रुपये तक की मांग की जा रही है।
मित्रा ने पार्टी नेतृत्व से सतर्क रहने का आग्रह करते हुए आगाह किया है कि इस तरह की गतिविधियां 2026 के चुनावों से पहले टीएमसी की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
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