ताजा खबरें | टीएमसी ने कांग्रेस से विलय के लिए कहा, कांग्रेस ने किया पलटवार

कोलकाता, 10 मार्च तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस से कहा कि वह उसके साथ अपना विलय करे और पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ लड़े।

कांग्रेस ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी पर पलटवार किया और उसे ‘भाजपा का एजेंट’ करार दिया।

गोवा में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर टीएमसी के नेताओं ने कहा कि पार्टी को मिले मतों से वह संतुष्ट है, क्योंकि पार्टी ने कुछ महीने पहले ही तटीय राज्य में अपनी इकाई का गठन किया था।

भाजपा को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले उत्तर प्रदेश में दूसरी बार बड़ी जीत मिलती हुई दिखाई दे रही है, जबकि वह गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में भी फिर से सत्ता में आने की राह पर है।

वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब में शानदार जीत हासिल करते हुए कांग्रेस को एक और राज्य से सत्ता से बेदखल कर दिया है। पंजाब में मिली हार कांग्रेस पार्टी के लिए सबसे अधिक परेशान करने वाली है।

कांग्रेस अब तक के इतिहास में अपने सबसे न्यूनतम स्तर पर है। कांग्रेस अब केवल दो राज्यों राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ही सत्ता में है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा के जोरशोर से प्रचार करने के बावजूद कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में केवल दो सीट ही मिली है, जबकि पार्टी के पक्ष में सिर्फ 2.3 प्रतिशत मतदाताओं ने ही वोट डाला।

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने कहा कि चुनाव परिणामों से यह साबित होता है कि कांग्रेस अब सिर्फ दो राज्यों तक ही सीमित है। कांग्रेस भाजपा के खिलाफ लड़ने में विफल रही है।

हकीम ने कहा, ‘‘टीएमसी ने यह दिखाया है कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई कैसे लड़ी जा सकती है और इसे (पश्चिम बंगाल में) हरा सकते हैं। यह सही समय है कि कांग्रेस, टीएमसी के साथ अपना विलय करे और ममता बनर्जी के नेतृत्व में लड़े।’’

तृणमूल कांग्रेस के कटाक्ष पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने टीएमसी को ''भाजपा का एजेंट'' करार देते हुए कहा कि कांग्रेस को किसी की सलाह की जरुरत नहीं है कि वह भाजपा के खिलाफ कैसे लड़े।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता चौधरी ने कहा, ‘‘टीएमसी भाजपा की सबसे बड़ी एजेंट है। यदि टीएमसी वास्तव में भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ने को लेकर गंभीर है तो उसे कांग्रेस में अपना विलय कर लेना चाहिए।’’

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