देश की खबरें | फ्लू के समान लक्षण वाले तीन हजार मामले रोज सामने आ रहे हैं घर घर सर्वेक्षण में : आयुक्त

चेन्नई, 26 जून चेन्नई में एक हफ्ते पहले लॉकडाउन के प्रभाव में आने के बाद से घर घर होने वाले दैनिक सर्वेक्षणों के दौरान फ्लू के समान लक्षण वाले लोगों की पहचान चार गुना अधिक होकर यह तीन हजार से अधिक हो गयी है । बृहद चेन्नई निगम आयुक्त जी प्रकाश ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी ।

लॉकडाउन से पहले के समय में ऐसे लक्षण वाले करीब 600 से 700 मामले प्रतिदिन सामने आते थे और अब यह प्रतिदिन तीन हजार के आंकड़े को पार कर गया है।

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प्रकाश ने बताया कि 19 जून से 30 जून के बीच जारी मौजूदा लॉकडाउन के दौरान किसी प्रकार की छूट नहीं दी गयी है । केवल आवश्यक चीजों की बिक्री करने वाले स्टोरों को सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक खोलने की अनुमति है । इससे पहले हालांकि, विभिन्न व्यवसायों, दुकानों एवं अन्य खुदरा दुकानों को छूट मिली थी ।

उन्होंने बताया कि मौजूदा लॉकडाउन चेन्नई के अलावा चेंगलपेट के कुछ हिस्सों, कांचीपुरम एवं तिरूवल्लूर में भी लागू होगा ।

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आयुक्त ने संवाददाताओं से कहा, 'घर घर जा कर सर्वेक्षण के दौरान कल 3217 लोग ऐसे मिले जिनमें फ्लू के समान लक्षण पाये गये थे । यह दैनिक आंकड़ा औसतन अब तीन हजार को पार कर चुका है । यह संख्या संभवत: 3500 तक जा सकती है ।'

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के मद्देनजर लोगों के उनके घरों में उपलब्ध रहने के कारण ही इस संख्या में वृद्धि हुयी है क्योंकि जब सर्वेक्षण के लिये कर्मचारी उनके घर जाते हैं तो वह वहीं रहते हैं ।

निगम के कर्मी सर्वेक्षण करने रोज लोगों के घरों तक जाते हैं और उनसे फ्लू के समान लक्षणों के बारे में पूछते हैं, इसके अलावा उनका बुखार चेक करते हैं ।

आयुक्त ने बताया कि फ्लू के समान लक्षण वाले लोगों की शुरूआती पहचान हो जाने का बहुत बड़ा फायदा है ।उन्होंने कहा कि 12 दिन के लॉकडाउन के दौरान अगर 30 हजार से 40 हजार लोगों की लक्षणों के साथ पहचान होती है तो यह बहुत मदद करेगा ।

अधिकारी ने बताया कि इसके लिये करीब 2300 फील्ड कर्मियों को काम पर लगाया गया है।

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