कोयंबटूर, सात सितम्बर तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की वजह से एक इमारत ढह गई और इसकी चपेट में आकर दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौत हो गई। छह अन्य लोगों को बचा लिया गया है।
पुलिस ने सोमवार को बताया कि चेट्टी वेढ़ी में रविवार रात करीब साढ़े 10 बजे एक मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इसकी चपेट में आने से साथ के मकान की छत भी गिर गई।
पुलिस ने बताया कि मलबे से हादसे के करीब 20 घंटे बाद एक महिला का शव निकालने के बाद सोमवार शाम को मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई।
इससे पहले, मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवार को एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
पुलिस और दमकल सेवा के कर्मियों को मलबा साफ करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, वे छह लोगों को बचाने में कामयाब हुए।
पुलिस ने बताया कि बचाए गए लोगों को मामूली चोटें आई है और उन्हें कोयंबटूर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिला कलेक्टर के. राजामणि और पुलिस आयुक्त सुमित सरन ने बचाव अभियान की निगरानी की।
शहर में रविवार को भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं थी।
चेन्नई में, पलानीस्वामी ने जिला प्रशासन को घायलों को हर संभव चिकित्सकीय मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘ मैंने मृतकों के परिवार को मुख्यमंत्री जन राहत कोष से एक-एक लाख रुपये देना का निर्देश दिया है।’’
इस बीच, घटनास्थल पर पहुंचे माकपा सांसद पीआर नटराजन ने राज्य सरकार से इमारत गिरने की विस्तृत जांच करवाने की मांग की है।
उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत नजदीक स्थित सेल्वा चिंतामणि तालाब के सौंदर्यीकरण में बड़े पैमाने पर जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।
उन्होंने कहा कि तलाब के किनारों की मजबूती की पुष्टि करने के बाद ही तलाब के सुंदरीकरण का काम कराया जाना चाहिए।
घटनास्थल पर पहुंचे द्रमुक विधायक एन कार्तिक ने भी इमारत के गिरने की वजह स्मार्ट सिटी परियोजना को वजह बताया। उन्होंने कहा कि तलाब के तटबंध कमजोर है।
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